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वायरस तेजी से अपनी जड़ें फैला रहा है
April 3, 2020 • Desk

दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामले दस लाख से अधिक हो गये हैं, जबकि 51 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं भारत में यह वायरस तेजी से अपनी जड़ें फैला रहा है और इसके मरीजों की संख्या दो हजार को पार कर गई है।  

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर राष्‍ट्र के नाम अपना संदेश देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आज सुबह 9 बजे एक वीडियो संदेश के जरिये राष्‍ट्र के समक्ष अपनी बात रखेंगे। उन्‍होंने ट्वीट कर बताया कि वह शुक्रवार की सुबह 9 बजे देशवासियों के साथ एक वीडियो संदेश साझा करेंगे।

 CMO ग़ाज़ियाबाद ने यूपी पुलिस को शिकायत करते हुए लिखा है कि एमएमजी अस्पताल में तब्लीगी जमात के लोग आंशिक रूप से नग्न (बिना पतलून के) घूम रहे हैं, अश्लील संकेत दे रहे हैं, अनुचित संगीत सुन रहे हैं और सिगरेट की मांग कर रहे हैं जो नर्सों के लिए बड़ा ही अशोभनीय हो रहा है।


तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोग दुनिया भर में फैले हुए हैं और कोरोना संक्रमण के चलते एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित तबलीगी जमात के मरकज से दुनिया के 150 देशों से ज्यादा जमातें इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए जाती हैं. इतना ही नहीं दुनिया के तमाम देशों से तबलीगी जमात के लोग भारत में भी आते हैं. सऊदी अरब जहां से इस्लाम की शुरुआत हुई, वहीं पर तबलीगी जमात पूरी तरह बैन है. इसके अलावा ईरान में भी इन्हें इस्लाम के प्रचार-प्रसार करने की इजाजत नहीं है.

बता दें कि मौलाना इलियास कांधलवी ने 1927 में तबलीगी जमात का गठन किया था. ये देवबंदी विचारधारा से प्रेरित और मुसलमानों में हनफी संप्रदाय के मानने वाले हैं. इलियास कांधलवी पहली जमात दिल्ली से सटे हरियाणा के मेवात के मुस्लिम समुदाय लोगों को इस्लाम की मजहबी शिक्षा देने के लिए ले गए थे. इसके बाद से तबलीगी जमात का काम दुनिया के तमाम देशों में काफी फल-फूल रहा है, लेकिन सऊदी अरब और ईरान में तबलीगी जमात अपनी जगह नहीं बना पाई है.

सऊदी अरब में सलफी मसलक (संप्रदाय) के मानने वाले लोग ज्यादा हैं. वहां की मस्जिदों के इमाम भी ज्यादातर सलफी मसलक के हैं. वहीं, तबलीगी जमात के लोग हनफी मसलक के हैं. ऐसे में इस्लाम के अंदर धार्मिक और वैचारिक मतभेद होने के चलते एक तरह से सऊदी अरब में तबलीगी जमात पर बैन है, क्योंकि सलफी मसलक में इस्लाम के प्रचार-प्रसार की इस तरह से कोई पद्यति नहीं है.

इसके अलावा सऊदी अरब में मस्जिदों की सारी जिम्मेदारियां सरकार के पास हैं. वहां पर मस्जिदों में किसी को ठहरने की इजाजत नहीं है और न ही किसी तरह की कोई धार्मिक भीड़ इकट्ठा करने की है. जबकि, तबलीगी जमात के लोग मस्जिदों में जाकर ठहरते हैं और लोगों के बीच प्रचार-प्रचार करते हैं. इसी के चलते सऊदी अरब की हुकूमत ने तबलीगी जमात को अपने देश में बैन कर रखा है. इसके अलावा अरब का एक ये भी तर्क है कि यहां से ही इस्लाम पूरी दुनिया में फैला है, ऐसे में कोई हमें क्या इस्लाम बताएगा.

सऊदी अरब ने तबलीगी जमात के अलावा भी दूसरे मुस्लिम समुदायों की क्रियाकलाप को भी बैन कर रखा है. सार्वजनिक रूप से न तो किसी को अपने धार्मिक कार्य करने की इजाजत है और न ही किसी तरह के कोई चंदा इकट्ठा करने की. हाल ही में सऊदी अरब ने तबलीगी जमात को प्रतिबंधित करने के लिए बकायदा लेटर भी जारी किया है, 

सऊदी अरब की तरह ईरान में भी तबलीगी जमात की एंट्री नहीं है. सऊदी अरब में जहां सलफी संप्रदाय की बहुलता है तो वहीं ईरान शिया संप्रदाय बहुल है और सत्ता पर भी उनका कब्जा है. तबलीगी जमात और शिया संप्रदाय के बीच काफी वैचारिक मतभेद हैं. शिया संप्रदाय के धार्मिक क्रियाकलापों को तबलीगी जमात इस्लाम के खिलाफ बताता है. ऐसे ही तबलीगी जमात के कामकाज को भी शिया समुदाय के लोग सही नहीं मानते हैं. इसी के चलते ईरान में तबलीगी जमात की एंट्री पर प्रतिबंध है. इतना ही नहीं ईरान में तबलीगी जमात के चोरी-छिपे काम करने पर भी रोक है.

दरअसल दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज और पाकिस्तान में लाहौर के पास रायविंड के तबलीगी जमात के मरकज से दुनिया के करीब 150 से ज्यादा देशों के लिए तमाम जमातें निकलती हैं. 40 दिन और चार महीने के लिए निकलने वाली जमातें ही विदेशों को जाती हैं. हालांकि, कुछ जमातें जो चंद दिनों के लिए निकलती हैं, उन्हें स्थानीय स्तर से ही तय किया जाता है. इस अवधि के समाप्त होने के बाद ही वे अपने घरों को लौटते हैं और रोजाना के कामों में लगते हैं.

भारत की इकलौती महिला पैरालंपिक पदक विजेता दीपा मलिक और इनकी बेटी देविका ने लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न शहरों में दिहाड़ी मजदूरों को पका हुआ भोजन देने की पहल की है। ‘हैप्पी जनता किचेन’ नाम की इस मुहिम के तहत मां बेटी की यह जोड़ी फिलहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में भूखों को भोजन करा रही है। जल्द ही वे नोएडा और अमेठी में भी इस मुहिम को ले जाएंगी।

लॉकडाउन को लेकर मोदी सरकार की कांग्रेस की आलोचना के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्‍ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने कांग्रेस नेता के बयान को 'संवेदनहीन' बताया है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि कांग्रेस राजनीति कर रही है, जबकि कोरोना वायरस से लड़ने के प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की घरेलू और वैश्विक स्‍तरों पर सराहना हो रही है।

लखनऊ के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर नवीन अरोड़ा ने उन लोगों से अपील की है, जो दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीगी जमात में शामिल हुए थे और लखनऊ से गए हुए थे अपील की गई है कि वह लोग बाहर आकर शासन प्रशासन का सहयोग करें और क्वारंटाइन हों. 

सीएम योगी ने गरीबों के लिए खोला खजाना. एक क्लिक में भेजेंगे 850 करोड़ रुपये.

उत्तर प्रदेश राज्य पथ परिवहन निगम ने सीएम डिस्ट्रेस रिलीफ फंड में 2.47 करोड़ रुपये दान किया.

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना 1 महीना का वेतन और क्षेत्र विकास निधि से 1.50 करोड़ रुपये डोनेट किए.

उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों भूखों को भोजन कराने में जुटी हुई है. हमेशा सवालों के घेरे में रहने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस लोगों को ढूंढ ढूंढ कर ना सिर्फ भोजन करा रही है, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश कर रही है.

लख़नऊ के कमांड अस्पताल में पूर्व में कोरोना पॉजिटिव महिला के पति को भी हुआ कोरोना. 11 को भर्ती हुई थी महिला. 21 दिन बाद पति भी कोरोना पॉजिटिव निकला. सेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं, गोमतीनगर में घर है इनका.

कोरोना संकट का असर लखनऊ के मंदिरों पर भी दिख रहा है. रामनवमी के दिन भी मंदिरों में सन्नाटा है. पुराने लखनऊ के बड़ी काली मंदिर में रामनवमीं के दिन हज़ारों लोगों को भीड़ होती थी हर साल. लेकिन आज मंदिर के कपाट बंद हैं और एक नोटिस चस्पा कर जानकारी दी गई है कि कोरोना और सरकार के आदेश की वजह से मंदिर के कपाट अगले आदेश के लिए बन्द हैं.

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में चार दिवसीय तब्लीग जमात से लौटे प्रदेश के 157 लोगों के अपनी जांच न कराने पर सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने सूचना छिपाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिए हैं.

भारतीय प्राशासनिक सेवा के 1987 बैच के अधिकारी सुखदेव सिंह ने बुधवार को झारखंड के 23वें मुख्य सचिव के रूप में पदभार संभाल लिया. इस पद पर नियुक्ति के पहले वह राज्य के विकास आयुक्त थे.

मधुबनी जिला के अंधराथाडी थाना अंतर्गत गिदडगंज गांव में तबलीगी जमात के समर्थकों द्वारा किए गए कथित पथराव में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. ग्रामीण लॉकडाउन का उल्लंघन कर दीनी मज्लिस का आयोजन कर रहे थे और पुलिस की टीम उन्हें मना करने गयी थी.

बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण के तीन अन्य मामलों की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढकर 24 हो

400 corona positive cases linked to Tablighi: Health Ministry

Have quarantined myself on doctors' advice: Tablighi Jamaat leader Maulana Saad Kandhalvi

Putin extends non-working period to end of April to curb coronavirus

About 9,000 Tablighi Jamaat members, primary contacts quarantined in country: MHA

COVID-19: Testing, tracing, isolation and quarantine should be in focus in next few weeks: PM tells CMs

Significant improvement in air quality across India due to coronavirus lockdown: CPCB

Coronavirus: Health Min identifies 20 existing, 22 potential hotspots in India

Urgent need to devise India-specific strategy to combat COVID-19: Rahul Gandhi

Cong playing petty politics over COVID-19, misleading people: Amit Shah

Modi to share video message with people on Friday morning