ALL International NATIONAL State ADMINISTRATION Photo Gallery Economy Education/Science & Technology Environment & Agriculture Entertainment Sports
सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा स्वीकार्य नहीं- sc
October 8, 2020 • DESK • NATIONAL

कोरोना नेगेटिव हो जाना मरीज के ठीक हो जाने की गारंटी नहीं है. देशभर में कोरोना नेगेटिव हो जाने के बाद भी मरीज़ कई तरह की समस्या बता रहे हैं. यही नहीं, कोरोना नेगेटिव होने के बाद मौत के मामले भी अब सामने आने शुरू हो गए हैं .

कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से एक जन आंदोलन का आगाज करेंगे। सोशल मीडिया पर शुरू होने वाले इस अभियान में नवरात्र, दुर्गापूजा, छठ पूजा, क्रिसमस और सर्दियों में कोरोना से बचाव कैसे करें इस पर फोकस रहेगा।अक्टूबर से दिसंबर तक त्योहारी मौसम है। त्योहारों पर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में बड़े पैमाने पर लोग एकत्र होते हैं। ऐसे में अभियान का उद्देश्य कोरोना प्रोटोकाल के बारे में लोगों को सचेत करना है।यही वजह है इसके लिए लोगों से अपने स्तर से भागेदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया जाएगा। जिसमें मास्क.पहनना, शारीरिक दूरी का पालन करना स्वच्छता बनाए रखने में सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना आदि शामिल है।इस अभियान के तहत लोगों को यह समझाया जाएगा कि कोरोना काल में डरने की नहीं, सावधानी की आवश्यकता है। दवा और वैक्सीन के बिना मास्क, दो गज की सुरक्षित दूरी, हाथ धोना ही सुरक्षा कवच है। सरकारी परिसरों में होर्डिंग्स, वॉल पेंटिंग, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड के जरिए कोरोना के खिलाफ जागरुकता अभियान किया जाएगा। जागरुकता अभियान के संदेश को घर तक पहुंचाने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय प्रभावशाली व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा।

हाईप्रोफाइल आरुषि हत्याकांड की जांच करने वाले सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार ने आत्महत्या कर ली है। वो शिमला में अपने आवास में फंदे से लटके पाए गए। कुमार हिमाचल प्रदेश के DGP और नागालैंड के राज्यपाल भी रहे। अधिकारियों ने बताया कि 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार (69) बुधवार शाम छोटा शिमला के पास ब्रोकहॉर्स्ट स्थित आवास पर फांसी के फंदे से लटके मिले। राज्य पुलिस प्रमुख कुंडु ने बताया कि हमें एक सुसाइड नोट मिला है जिस पर उन्होंने लिखा है कि वह एक नई यात्रा पर जा रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य उस वक्त घर में ही थे जब वे कमरे में गए। उन्होंने कमरा भीतर से बंद किया और नायलोन की रस्सा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार को किसी गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। हमने कमरे में रखी चीजों को जब्त कर लिया है। पोस्टमॉर्टम गुरुवार की सुबह होगा। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच से लगता है कि पिछले 6 महीने में कुमार के सक्रिय जीवन में आया ठहराव, उनका अचानक यूं घर में बंद होकर रह जाना आत्महत्या का कारण जान पड़ता है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। उनके पड़ोसियों में से एक ने बताया कि कुमार हमेशा की तरह शाम को टहलने गए थे। घर आने के बाद वे बरसाती में गए। पड़ोसी ने बताया कि परिवार को कोई सदस्य उन्हें रात के भोजन के लिए बुलाने बरसाती में गया था, उसी ने सबसे पहले उनका शव देखा। कुमार के परिवार में पत्नी और बेटा हैं। कुमार के पुराने सहकर्मी और मौजूदा अधिकारी भी उन्हें मृदुभाषी और हमेशा मुस्कुराते रहने वाला व्यक्ति बताते हैं। हिमाचल प्रदेश के नाहन के रहने वाले कुमार 2008 में सीबीआई के निदेशक बने थे जब एजेंसी आरुषि तलवार हत्या मामले की जांच कर रही थी। कुमार ने विजय शंकर की जगह सीबीआई के निदेशक का पद संभाला था। उस दौरान आरुषी हत्याकांड लगभग रोज सुर्खियों में रहता था। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार खास दस्ता विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के साथ भी काम किया है। संप्रग सरकार ने 2013 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पुलिस के पूर्व प्रमुख कुमार वर्तमान में शिमला के एक निजी विश्वविद्यालय के कुलपति थे।

दिल्ली सरकार ने शहर के सिनेमाघरों, थियेटरों और मल्टीप्लेक्स को 15 अक्टूबर से उनकी 50 प्रतिशत तक सीट क्षमता के साथ फिर से खोले जाने की बुधवार को अनुमति दे दी।

दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के पुत्र रोहन दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का अगला अध्यक्ष बनने को तैयार हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार व विवादों से भरी संस्था में ‘अनावश्यक खर्चों’ को रोकने का वादा किया है।

कृषि कानून पर केंद्र सरकार आमने सामने है। एक तरफ विपक्ष मौजूदा कानून की खामियां गिना रहा है तो दूसरी तरफ सरकार किसानों को समझा रही है कि कानून आप सबकी भलाई के लिए  है। कृषि कानून समझाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उतरीं खेत में, लड़ाई आर पार की.

शक्ति मलिक हत्याकांड में तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को गिरफ्तार और पूछताछ की खुली चुनौती दी है। इसके साथ ही उन्होंने इस केस की सीबीआई जांच की भी मांग की है।

बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 115 पर लड़ने वाली जनता दल (यू) ने अपने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। चंद्रिका राय को परसा विधानसभा क्षेत्र से, ललन पासवान को चेनारी से और सीमा भारती को रूपौली विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी विधानसभा चुनाव में 110 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बीजेपी ने अपने कोटे से 11 सीटें विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को दी हैं।

हाथरस में पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रशासन का कहना है कि परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। हाथरस कांड की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बताया जा रहा है कि मॉरिशस से फंडिंग की गई थी और प्रदेश को दंगों में झोंकने की तैयारी थी। हाथरस घटना पर रोज नई-नई बातें सामने आ रही हैं और चौंकाने वाले दावे भी किए जा रहे हैं। पीड़ित लड़की का परिवार हाथरस के भूलगढ़ी गांव का रहने वाला है।'लड़की की शादी नहीं हुई थी तो चूड़ियां पहना कौन था', ग्राम पंचायत प्रमुख का सवाल. हाथरस घटना पर नेता बदजुबानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन का एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने उकसाने वाला और विवादित बयान दिया है।'चुप नहीं बैठेंगे आरोपियों के हाथ काट देंगे', कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन की धमकी.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता मनीष शुक्ला के हत्या मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है।अब तक इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई जिसमें एक का संबंध टीएमसी से बताया जा रहा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सार्वजनिक जीवन के 20वें साल में प्रवेश कर गए। सावर्जनिक जीवन में इस तरह की उपलब्धि हासिल करने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले नेता हैं।

भारतीय रेलवे ने  10 अक्टूबर से दूसरा आरक्षण चार्ट तैयार करने के लिए पहले के सिस्टम को बहाल करने का फैसला किया है। पिछले कुछ महीनों से इस सिस्टम को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर रोका गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग विरोध के मद्देनजर दिशा-निर्देश और विरोध के अधिकार की मांग करने वाली याचिका पर कहा-सार्वजनिक सड़कों और स्थानों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा अनिश्चित काल तक कब्जा नहीं किया जा सकता है। सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा स्वीकार्य नहीं. शाहीन बाग जैसे धरनों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में बुधवार को कहा कि किसी निर्धारित जगह पर धरना-प्रदर्शन किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को असहमति रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन इस तरह के धरना-प्रदर्शन से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति एस के कौल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, जैसा कि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ।

विरोध प्रदर्शनों के लिए शाहीन बाग जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करना स्वीकार्य नहीं है.

शाहीन बाग इलाके से लोगों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी.

प्राधिकारियों को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते.

सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता, जैसा कि शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ.

लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चलते हैं

बता दें कि सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में करीब 100 दिनों तक धरना चला। सड़क पर जारी धरने की वजह से करीब तीन महीने तक सड़क बाधित रही और इसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।वहीं अध्यक्ष शाहीन बाग मार्केट एसोसिएशन डॉ.नसीर ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, 200 दुकानों को बंद कर दिया गया था और 2000 कर्मचारी बेरोजगार थे। सभी दुकानें ब्रांडेड वस्तुओं की हैं। हमें करोड़ों का नुकसान हुआ है। पिछली सुनवाई में जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अनिरूद्ध बोस एवं जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था उस समय पीठ ने कहा, 'हमें सड़क को बाधिक करने और प्रदर्शन के अधिकार के बीच एक संतुलन लाना होगा। एक संसदीय लोकतंत्र में धरना एवं प्रदर्शन संसद एवं सड़क पर हो सकते हैं लेकिन सड़क पर यह शांतिपूर्ण होना चाहिए।' यहां का विरोध प्रदर्शन देश भर में सीएए की खिलाफत का एक प्रतीक बना। इसी की तर्ज पर देश भर में अलग-अलग जगहों पर धरने आयोजित किए गए। शाहीन बाग में धरने का नेतृत्व मुस्लिम समाज की महिलाओं ने किया। धरने में शामिल लोग सरकार से सीएए को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

 रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने मंगलवार को शोपियां के सुगन इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया।

कोरोना संकट के लिए दुनिया के देशों के निशाने पर चल रहे चीन के लिए एक और बुरी खबर है। एक नए सर्वे में लोगों ने माना है कि इस देश ने कोरोना संकट से ठीक से नहीं निपटा।

ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके पड़ोसी देश अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच नए सिरे से शुरू हुई ये लड़ाई व्यापक रूप से 'क्षेत्रीय युद्ध' को बढ़ा सकती है.राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि विवादित नागोर्नो-काराबाख़ इलाके को लेकर हुए भारी संघर्ष के दिनों के बाद इस क्षेत्र में 'स्थिरता बहाल करने' की उन्हें उम्मीद थी.ये इलाका औपचारिक रूप से अज़रबैजान का हिस्सा है लेकिन इसे अर्मेनियाई समुदाय के लोग चलाते हैं. मौजूदा युद्ध बीते कुछ दशकों का सबसे बुरा युद्ध माना जा रहा है दोनों देश एक दूसरे पर हिंसा की शुरुआत करने का आरोप लगा रहे हैं. राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि "हमें सजग रहना है कि अज़रबैजान और आर्मीनिया की ये लड़ाई इस इलाक़े की लड़ाई ना बन जाए. शांति हमारे काम का आधार है और हम शांतिपूर्ण तरीके से क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की उम्मीद करते हैं."रूहानी ने आगे कहा कि ईरान की मिट्टी पर ग़लती से भी मिसाइल या गोले गिरें, ये हमें पूरी तरह 'अस्वीकार्य' है. दरअसल कुछ रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि अर्मीनिया और अज़रबैजान की सीमा से लगने वाले ईरान के कुछ गांवों में गोले गिरे पाए गए. बॉर्डर गार्ड्स के कमांडर क़ासम रेज़ाई ने भी कहा कि "जब ये संघर्ष शुरू हुआ तो कुछ तोप के गोले और रॉकेट ईरान के इलाके में आ गिरे. जिसे देखते हुए ईरान की सेनाओं को इस लड़ाई के दौरान "आवश्यक गठन" में रखा गया था.""हमारे सैनिक सतर्क हैं और वे सीमाओं की पूरी निगरानी और उनपर नियंत्रण रखे हुए हैं." क्या-क्या हो रहा है? रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को इस लड़ाई को समाप्त करने का आह्वान किया और इसे 'त्रासदी' बताया. उन्होंने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा, "हम बहुत चिंतित हैं, हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में यह संघर्ष समाप्त हो जाएगा. लोग मारे जा रहे हैं. दोनों ही देशों का बड़ा नुकसान हो रहा है." रूस से बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से गुरूवार को फ़ोन पर बात की. रूस आर्मीनिया के साथ सैन्य गठबंधन का हिस्सा है और इस देश में रूस एक सैन्य बेस भी है. हालांकि, रूस के अज़रबैजान के साथ करीबी संबंध हैं. अमेरिका, फ्रांस और रूस ने संयुक्त रूप से नागोर्नो-काराबाख़ में लड़ाई की निंदा की है और शांति वार्ता के लिए कहा है, लेकिन संघर्ष समाप्त होने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं. अजरबैजान का कहना है कि लंबे वक़्त से विवादित क्षेत्र नागोर्नो-काराबाख़ में बेहतर स्थिति में है क्योंकि उसके पास अधिक गोला बारूद और उच्च कोटि के हथियार हैं. अब तक तो अज़रबैजान इस इलाके में बेहतर स्थिति में है लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के पास के आर्मीनियाई बलों की ओर से गोलाबारी की जा रही है. अज़रबैजान का टारटर शहर जिसकी सीमा नागोर्नो-काराबाख़ से लगती है वह एक भूतिया कस्बे में तब्दील हो चुका है. यहां सामान्यत: एक लाख लोग रहा करते थे लेकिन ये सभी लोग शहर छोड़ चुके हैं. मुख्य सड़क खाली है और टूटे कांच और छर्रे से पटे पड़े हैं. बंद दुकानों के शटर और छत पूरी तरह उड़ चुके हैं. हमने कुछ परिवारों को ज़मीन के नीचे बने शेल्टरों में देखा. एक बुजुर्ग महिला, जिनके बेटा और बेटी अज़रबैजान की सेना का हिस्सा हैं और सीमा पर लड़ रहे हैं. उन महिला ने हमें बताया कि वह जीत की प्रतीक्षा कर रही है और ये जगह कभी नहीं छोड़ेंगी. उनका सात महीने का पोता उनकी गोद में था. उन्होंने बताया कि गोलीबारी की आवाज़ पर वह डरता नहीं है उसे इसकी आदत हो चुकी है. नागोर्नो-काराबाख़, स्टेपानाकर्ट के मुख्य शहर में कई दिनों तक गोलाबारी हुई है. लोग बेसमेंट में शरण लेते रहे हैं और शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली काट दी गई है. समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार सुबह ताजा हमले हुए और स्टेपानाकर्ट के आसपास धुआं देखा गया. इस बीच, अजरबैजान ने जातीय आर्मीनियाई बलों पर शहरी इलाकों में गोलाबारी करने और आम लोगों की इमारतों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. इसके दूसरे सबसे बड़े शहर, गांजा, पर हमला किया गया है और अज़रबैजान के अधिकारियों ने कहा कि सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गईं हैं. रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति ने "अंधाधुंध गोलाबारी और अन्य कथित ग़ैरकानूनी हमलों" की निंदा की है. इसके साथ ही ये भी कहा गया कि बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं.27 सितंबर से शुरू हुए इस इस युद्ध में अब तक 300 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेकिन माना जा रहा है कि दोनों ओर की सेनाओं और मारे आम लोगों का कुल आकड़ा इससे कई ज़्यादा हो सकता है.

साढ़े चार हज़ार वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला ये एक पहाड़ी इलाका है.

इस इलाके में पारंपरिक रूप से आर्मीनियाई मूल के ईसाई और तुर्की मूल के मुसलमान रहते हैं.

सोवियत संघ के ज़माने में ये अज़रबैजान के अंतर्गत एक स्वायत्तशासी इलाका था.

अंतरराष्ट्रीय रूप से इस इलाके को अज़रबैजान का ही हिस्सा माना जाता है लेकिन इसकी बहुसंख्यक आबादी आर्मीनियाई मूल के लोग हैं.

स्वयंभू सरकारों को आर्मीनिया सहित संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश मान्यता नहीं देते हैं.

साल 1988-94 के दौरान हुए युद्ध में तकरीबन दस लाख लोग विस्थापित हुए थे और 30 हज़ार लोग मारे गए थे.

अलगाववादी बलों ने अज़रबैजान में इन्क्लेव के आसपास के इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया था.

ये संघर्ष साल 1994 में संघर्ष विराम होने तक जारी रहा.

तुर्की खुलकर अज़रबैजान का समर्थन करता है.

आर्मीनिया में रूस का एक सैनिक अड्डा है.

वीके शशिकला की रिहाई के तीन महीने पहले आयकर विभाग ने 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ततमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी वीके शशिकला की रिहाई के तीन महीने उनकी 1500 करोड़ की संपत्ति को आयकर विभाग ने अटैच कर लिया है. 2017 में एक गैरकानूनी संपत्ति मामले में वीके शशिकला को जेल हुई थी. मामले में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता प्रमुख अभियुक्त थीं.  वीके शशिकला बेंगलुरु की जेल से जनवरी के अंत तक रिहा होंगी. गौरतलब है कि मई 2021 में तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव हैं.

कोलकाता में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए संशोधित लागत अनुमान को कैबिनेट की मंजूरीभारत सरकार ने कोलकाता शहर में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दे दी है. रेल मंत्री पियूष गोयल ने कैबिनेट की बैठक के बाद इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि कोलकाता ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के तहत मेट्रो लाइन पर 8574.98 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है.

अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश कई जगहों पर जबकि भारी बारिश एक-दो स्थानों पर जारी रहने के आसार हैं।पूर्वोत्तर भारत के बाकी हिस्सों के साथ-साथ बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, रायलसीमा, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।दिल्ली समेत उत्तरी भारत के सभी भागों में मौसम साफ और शुष्क ही बना रहेगा।

Former CBI director Ashwani Kumar found hanging at Shimla residence

India moving ahead on path of futuristic reforms: PM

Cabinet approves reforms in natural gas marketing

CPCB writes to Kejriwal govt for urgent action on major polluting sources, lists out pending tasks

NCW summons BJP leader Ranjeet Srivastava for offensive remarks against Hathras victim

SSR family questions AIIMS' 'faulty' report, Dr Sudhir Gupta's conduct

Delhi govt allows reopening of cinemas, theatres with 50 pc seating capacity from Oct 15

PM Modi bringing positive change in lives of poor: Amit Shah

Those doing politics on dead bodies of poor getting exposed: UP CM

CR to run five pairs of special trains in Maha from Oct 9

Congress demands probe by sitting SC judge in Hathras incident

Cabinet nod for East-West Metro corridor, India's first tunnel under Ganga

Cabinet decides to launch Covid awareness campaign from Thursday

Jammu and Kashmir L-G expresses anguish over militant attack on political leader in Ganderbal