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अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बरकरार
January 9, 2020 • Desk • International

 अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बनी हुई है। गुरुवार तड़के इराक में एक बार फिर अमेरिकी प्रतिष्ठान को रॉकेट से निशाना बनाने का प्रयास किया गया है। बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के नजदीक रॉकेट से हमला किया गया है। इराकी सेना ने भी हमले की पुष्टि की है और यह रॉकेट अमेरिकी दूतावास से करीब 100 मीटर दूर गिरा। बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से हमला, कोई हताहत नहीं.

ईरान और  अमेरिका विवाद 
ये समझने के लिए हमें वक्त की सूंई को इतना पीछे ले जाना होगा जहां से हमें याद आए कि 2006 में ईरान ने अपने यहा पांच परमाणु रिएक्टर लगाए थे। जिनमें से एक रूस की मदद से लगाया था। जिसे लेकर इजरायल और अमेरिका समेत कई और देशों की नजरें टेढ़ी हो गई थीं। हालांकि, ईरान बार-बार कहता रहा है कि उनके द्वारा लगाए गए परमाणु रिएक्टर का मकसद परमाणु हथियार बनाना नहीं बल्कि ऊर्जा उत्पन्न करना है। लेकिन, अमेरिका और इजरायल ये मानने को तैयार नहीं हुए। इन्हें शक था कि बुशेर परमाणु प्लांट में ईरान चोरी-छुपे परमाणु बम परमाणु बना रहा है।
2015 में हुआ एक समझौता
अमेरिका और इजरायल के शक जाहिर करने पर परमाणु रिएक्टर के इस्तेमाल को लेकर फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान के साथ बातचीत शुरू की। इस बातचीत में अमेरिका, चीन और रूस भी शामिल हुए। फिर नौ साल बाद 2015 में सभी देश ने ईरान के साथ एक समझौता किया। जिसके तहत ईरान अपने परमाणु प्लंट की तय समय सीमा पर नियमित जांच के लिए राजी हो गया ताकि ये पता चल सके कि ईरान के परमाणु प्लांट में हथियार बना रहा है या नहीं।

IAEA को मिली खास जिम्मेदारी
समझौते के तहत ईरान के परमाणु प्लांट के जांच की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA को मिली। वह हर तीन महीने में ईरान के परमाणु प्लांट की जांच कर रिपोर्ट तैयार करता था। हालाकिं, कभी उसकी रिपोर्ट में ईरान पर परमाणु प्लांट के गलत इस्तेमाल को लेकर शक नहीं जताया गया। जिस वक्त ये समझौता हुआ था तब अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा थे। जिन्होंने इजरायल कि इस बात को नकारते हुए ये समझौता किया था कि ईरान का परमाणु प्लांट दुनिया के लिए खतरा है। ओबामा इजरायल की बात से सहमत नहीं थे।
ओबामा से अलग, इजरायल जैसा रुख रखते हैं ट्रंप
लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते को लेकर बराक ओबामा से सहमत नहीं थे। इधर से 2016 के अमेरिकी चुनाव में ट्रंप ने ईरान समझौते का मुद्दा उठाया और उधर से इजरायल ने भी इस समझौते को लेकर आवाज उठाई। ट्रंप ने तभी चुनाव प्रचार के दौरान इस डील को खत्म करने की बात कह दी थी और उन्हों राष्ट्रपति बनने के बाद ऐसा ही किया। 8 मई 2018 को अमेरिका अचानक इस समझौते से अलग हो गया। तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसका वादा झूठा था।

ट्रंप द्वारा सौदा रद्द करने पर इजरायल की ओर से मुहैया कराए गए कुछ खुफिया दस्तावेजों के हवाले से कहा गया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का काम रहा है।  हालाकिं, सौदे के मुताबिक ईरान के परमाणु रिएक्टर्स की जांच करने वाले IAEA की ओर से अमेरिका के इस दावे को कारिज किया गया था। इतना ही नहीं अमेरिका के अलग होने के बावजूद रूस, चीन, ब्रिटेन फ्रांस और जर्मनी अब भी समझौते के साथ हैं और आगे भी समझौते को जारी रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आज स्थिति ऐसी हो गई है कि अमेरिका और ईरान को लेकर दुनिया के कई देश आमने-सामने नजर आते हैं

इसके अलावा दिल्ली के पटपड़गंज स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने से एक शख्स की मौत हो गई है। 

भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जस्टर सहित 16 देशों के राजनयिक बृहस्पतिवार से जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा पिछले वर्ष समाप्त किये जाने के बाद राजनयिकों का यह पहला दौरा होगा। दिल्ली से ये राजनयिक बृहस्पतिवार को हवाई मार्ग से श्रीनगर जाएंगे और वहां से वे जम्मू जाएंगे।

राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह पटपड़गंज इलाके में स्थित एक पेपर प्रिटिंग प्रेस में आग लगने से एक की मौत हो गई। आग पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर 35 दमकल गाड़ियां मौजूद हैं।  


बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के नजदीक रॉकेट से हमला किया गया है। इराकी सेना ने भी हमले की पुष्टि की है और यह रॉकेट अमेरिकी दूतावास से करीब 100 मीटर दूर गिरा।
पढ़ें पूरी खबर:  इराक: बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से हमला, कोई हताहत नहीं

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में राजनीतिक दल अपने तर्कों को सबके सामने रख रहे हैं। कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी पहले ही कह चुकी हैं कि उनकी लाश पर ही सीएए, एनपीआर और एनआरसी लागू किया जा सकता है। वो किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगी। CAA: विश्वभारती विश्वविद्यालय में राज्यसभा एमपी स्वप्न दासगुप्ता सात घंटे तक बने रहे बंधक.


 शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट को आरोपी को तलब करने का अधिकार नहीं. हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट का आदेश किया रद्द. जाति सूचक गाली देने, मारपीट व धोखाधड़ी की अपर सिटी मजिस्ट्रेट गाजियाबाद से की गई थी शिकायत. कोर्ट ने कहा बिना एफआईआर दर्ज किए मजिस्ट्रेट को किसी व्यक्ति को तलब करने का अधिकार नहीं. सुधीर मलिक की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया आदेश. जस्टिस अभिनव उपाध्याय और जस्टिस रविनाथ तिलहरी की खंडपीठ ने दिया आदेश.


मोतिहारी. अरेराज सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर के जमीन बिक्री का मामला में फर्जी तरीके से जमीन बिक्री पर डीएम ने दिए जांच के आदेश. डीएम ने जांच के लिए एक टीम गठित की है जिसमें खुद एडीएम सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद हैं.

 कांकेर। कोयलीबेड़ा ब्लॉक के 17 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर कोई भी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया. कांकेर पुलिस का बयान, नक्सलियों के डर के कारण नहीं बल्कि अधिसूचित एरिया में अनुसूचित जनजातियों के लोगों की कम संख्या के कारण कोई उम्मीदवार नहीं आया. 17 पंचायतों में 4 माह बाद अपवर्जन की प्रक्रिया के बाद चुनाव होंगे. पुलिस का दावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से  होगा सम्पन्न

 मुंबई बीते सत्र में रुपये में भारी उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार दर्ज किया गया. बीते सत्र में शुरुआती कारोबार में रुपये ने 72.44 का ऊपरी स्तर छू लिया. दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी बिकवाली और महंगे कच्चे तेल की वजह से रुपये में कमजोरी देखने को मिली, लेकिन दोपहर के कारोबार में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद रुपये में निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली. वहीं डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. गुरुवार (9 जनवरी 2020) को शुरुआती कारोबार में डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया (Indian Rupee) मजबूती के साथ खुला है. शुरुआती कारोबार में डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 26 पैसे की तेजी के साथ खुला है. अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 71.43 प्रति डॉलर के भाव पर खुला है. बीते सत्र में अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपया 71.69 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था.

केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया (Ajay Kedia) के मुताबिक रुपये में आज मजबूती के आसार दिख रहे हैं. उनका कहना है कि रुपया जनवरी वायदा में 71.90 के भाव पर बिकवाली करके फायदा उठाया जा सकता है. ट्रेडर्स इस सौदे में 71.65 का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. इस सौदे के लिए 72 का स्टॉपलॉस लगाना चाहिए.

इंडिया निवेश (IndiaNivesh) के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन (Manoj Kumar Jain) के मुताबिक आज के कारोबार में रुपये मजबूती देखने को मिल सकती है. आज के कारोबार में रुपये में 71.50-71.40 का लक्ष्य हासिल करने के लिए 71.80 के भाव पर बिकवाली की जा सकती है. इस सौदे के लिए 72.02 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है.

एंजेल ब्रोकिंग (Angel Broking) डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (एनर्जी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता (Anuj Gupta) का कहना है कि आज के कारोबार में रुपये में कमजोरी के आसार हैं. रुपया जनवरी वायदा में 72.10 के लक्ष्य के लिए 71.70 के भाव पर खरीदारी की जा सकती है. इस सौदे के लिए 71.50 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है.

मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अमित सजेजा (Amit Sajeja) के मुताबिक इंट्राडे में रुपये में मजबूती की संभावना है. उनका कहना है कि आज के कारोबार में रुपया जनवरी वायदा में 71.40 के लक्ष्य के लिए 71.70 के भाव पर बिकवाली से फायदा उठाया जा सकता है. इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए 71.85 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है. आज के कारोबार में स्पॉट रुपये में 71.20-71.70 के दायरे में कारोबार की संभावना है.

आनंद राठी (Anand Rathi) के फंडामेंटल रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी (Jigar Trivedi) रुपये में आज कमजोरी की आशंका जता रहे हैं. रुपया जनवरी वायदा में 71.85 के भाव पर खरीदारी करके 72.1 का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए 71.7 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है.

BSP may contest all Delhi seats

Two major opposition parties in Uttar Pradesh — Bahujan Samaj Party and Samajwadi Party — have decided to chart different paths for the Delhi assembly elections.  The BSP is likely to contest all the 70 assembly seats while the SP has decided to skip the Delhi polls. 

Poor response to Bharat Bandh in UP

BJP to hold six rallies in support of CAA

Govt all set to take action in  Noida case

HDB defaulters to get one time to clear dues

CAA: BJP leaders, ministers to counter Opposition’s canards

Lie has no legs: PGV on release of Sadaf Jafar, Darapuri

Sugar mills asked to clear arrears of cane farmers without further delay