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रोहित शर्मा: वर्ल्ड कप 2019 में कमाल
July 7, 2019 • desk

 

                      हिटमैन रोहित

भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा वर्ल्ड कप 2019 में कमाल कर रहे हैं। रोहित क्यों महान बल्लेबाजों की लिस्ट में शुमार किए जाते हैं वो उन्होंने एक बार फिर से साबित कर दिया है। हिटमैन रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ वर्ल्ड कप 2019 में अपना पांचवां शतक लगाया। इसके साथ ही वो विश्व कप इतिहास में किसी भी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। रोहित ने श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज कुमार संगकारा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ये उपलब्धि अपने नाम किया है। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ 94 गेंदों पर 103 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 14 चौके और 2 छक्के लगाए। वनडे क्रिकेट में ये रोहित शर्मा का 27वां शतक था। रोहित को मैन ऑफ द मैच चुना गया और उन्होंने विश्व कप के एक सीजन में चौथी बार ये खिताब अपने नाम किया। रोहित ने युवी की बराबरी कर ली। युवी ने 2011 विश्व कप में चार मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता था। 

         विश्व कप के 12वें सीजन में रोहित ने पांचवां शतक लगाकर जो उपलब्धि हासिल की है उसे पार करना किसी भी बल्लेबाज के लिए भविष्य में आसान नहीं होगा। विश्व कप टूर्नामेंट के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज ने ये कमाल इससे पहले नहीं किया था। पिछले विश्व कप में कुमार संगकारा ने चार शतक लगाए थे पर अब रोहित ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में 92 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। विश्व कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले ये बल्लेबाज हैं। रोहित शर्मा ने इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका ने खिलाफ नाबाद 122 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 140 रन, इंग्लैंड के खिलाफ 102 रन, बांग्लादेश के खिलाफ 104 रन और श्रीलंका के खिलाफ 103 रन की पारी खेली। 

रोहित शर्मा- 5 शतक (2019), कुमार संगकारा- 4 शतक (2015), मार्क वॉ- 3 शतक (1996), सौरव गांगुली- 3 शतक(2003), मैथ्यू हेडेन- 3 शतक (2007)

        रोहित शर्मा अब इस विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने शाकिब अल हसन को पीछे छोड़ दिया है। वहीं विश्व कप के एक सीजन में सचिन के बाद वो भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। सचिन ने 2003 विश्व कप में 673 रन बनाए थे। वैसे रोहित जिस फॉर्म में हैं उससे तो यही लग रहा है कि वो सचिन का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। 

   600 रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज 
इसी वर्ल्ड कप में रोहित से पहले बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने पाकिस्तान के खिलाफ लीग मैच में उपलब्धि हासिल की। उन्होंने वर्ल्ड कप के इस एडिशन में कुल 606 रन बनाए जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। रोहित वर्ल्ड कप के इस एडिशन में सबसे ज्यादा 647 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

रोहित गुरूनाथ शर्मा (जन्म: ३० अप्रैल १९८७) एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी है। इनका जन्म नागपुरमहाराष्ट्र में हुआ था। रोहित मुख्य रूप से सलामी बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं। रोहित टेस्ट क्रिकेटवनडे और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग में भी खेलते है इसके अतिरिक्त मुम्बई इंडियन्स टीम के कप्तान भी है। वर्तमान में वे भारतीय वनडे टीम के उप कप्तान भी है।

उन्होंने अपने टेस्ट कैरियर की शुरुआत वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ ०९ नवम्बर २०१३ को कोलकाताके ईडन गार्डन्स [3] मैदान पर खेलकर की थी उस मैच में रोहित ने १७७ रनों की पारी खेली थी, उन्होंने १०८ वनडे मैचों के बाद टेस्ट मैच खेला था। जबकि एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर की [4]शुरुआत २३ जून २००७ को आयरलैण्ड क्रिकेट टीम के खिलाफ की थी। इनके अलावा रोहित ने अपने ट्वेन्टी-ट्वेन्टी में अपना पहला मैच १९ सितम्बर २००७ को इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था।

१३ नवम्बर २०१४ को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर श्रीलंकाई टीम के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए २६४ रनों की पारी खेलकर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा रन अर्थात सर्वोच्च स्कोर बनाकर नया कीर्तिमान कायम किया है। रोहित शर्मा एक दिवसीय क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी है। रोहित शर्मा क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक, ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय में तीन शतक है।

  • व्यक्तिगत जीवन

रोहित शर्मा का जन्म भारतीय राज्य महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले के बंसोड़ क्षेत्र में ३० अप्रैल १९८७ को हुआ था। इनकी माता पूर्णिमा शर्मा जो विशाखापट्नम से है। जबकि इनके पिता गुरुनाथ शर्मा जो किसी परिवहन कम्पनी में देखभाल करने वाले (caretaker) है। शर्मा का लालन पालन बोरीवली में उनके दादा और चाचा के साथ हुआ था क्योंकि उनके पिता की आय काफी कम थी। इनका एक छोटा भाई भी है जिसका नाम विशाल शर्मा है।रोहित ने सन् १९९९ में अपने चाचा की आय से एक क्रिकेट कैम्प में खेलना आरम्भ किया था।उस समय रोहित के कोच दिनेश लाड थे और उन्होंने कहा था कि तुम अपनी विद्यालय को बदल कर स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में आ जाओ क्योंकि लाड वहीं पर कोच के पद पर कार्यरत थे इस कारण रोहित को क्रिकेट खेलने में ज्यादा सुविधा मिल सके।

उस समय रोहित को उस विद्यालय में जाने का मौका नहीं मिल पाया था और तब उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए भी मांग की थी।बाद में रोहित ने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत एक ऑफ़ स्पिनर के तौर पर की थी लेकिन बाद में लाड ने शर्मा को सलाह दी की तुझमें बल्लेबाज की काबिलियत ज्यादा है इसलिए एक अच्छा बल्लेबाज बनने का प्रयास करो, तब रोहित आठवें नम्बर पर बल्लेबाजी करते थे और लाड ने बाद में इनको ओपनिंग करने के लिए भेजना शुरू किया। जैसे ही रोहित ने बल्लेबाजी में मुख्य कदम रखा और पहली बार ओपनिंग की उस मैच में अपना पहला शतक जड़ा था।

घरेलू क्रिकेट

रोहित शर्मा ने अपने लिस्ट ए क्रिकेट की शुरुआत मार्च २००५ में वेस्ट जॉन की तरफ से खेलते हुए सेंट्रल जॉन के खिलाफ देवधर ट्रॉफी में ग्वालियर में की थी। [10]उसके बाद उसी प्रतियोगिता के एक मैच में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की और महज १२३ गेंदों पर जबरदस्त १४२ रन बनाए यह मैच नार्थ जॉन के खिलाफ उदयपुर में खेला गया था।[11] इस शतक से रोहित को काफी फायदा हुआ।[12]इसके बाद अबू धाबी में भारत ए की तरफ से खेलते हुए हुए रोहित ने शानदार प्रदर्शन किया और बाद में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ३० सदस्य टीम में चुना गया।हालांकि अंतिम सदस्य टीम में रोहित को जगह नहीं मिल पायी थी इसके बाद इन्होंने अपने रणजी ट्रॉफी शुरुआत की और बाद में एन के पी सेल्व चैलेंज ट्रॉफी में भी चुने गए। शर्मा ने लिस्ट ए क्रिकेट के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत भारत ए के लिए न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जुलाई २००६ में डार्विन में की थी।इन्होंने रणजी ट्रॉफी कैरियर की शुरुआत मुम्बई क्रिकेट टीम के लिए २००६/०७ में की थ। उस दौरान रोहित ने गुजरात टीम के खिलाफ २६७ गेंदों पर शानदार २०५ रन बनाए थे।रोहित ने फाइनल मुकाबले में बंगाल के खिलाफ अर्द्धशतक से मुम्बई प्रतियोगिता में बना रहा। अक्तूबर २०१३ में अजीत अगरकर ने संन्यास ले लिया था और रोहित इंडियन प्रीमियर लीग में मुम्बई इंडियन्स टीम के कप्तान बन गए और अब तक सबसे सफल कप्तान है। रोहित के लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण २०१३-१४ के सीजन में मुम्बई टीम का कप्तान नियुक्त किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट

रोहित शर्मा को नियमित ओवरों के खेल में २००७ में भारतीय क्रिकेट टीम ने आयरलैण्ड का दौरा किया उसमें शामिल किया गया था। इसके बाद इन्होंने अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर की शुरुआत बेलफास्ट में आयरलैण्ड टीम के खिलाफ की, हालांकि उस मैच में इनको बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिल पाया था।[16]

लेकिन आखिरकार रोहित ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए २० सितम्बर २००७ को २००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २० में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जबरदस्त ४० गेंदों पर ५० रन बनाए।[17] और उस मैच में जीत भी मिली थी जिसके कारण भारत प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उस मैच में भारतीय टीम ने महज ६१ रनों पर ४ विकेट खो दिए बाद में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर ८५ की भागीदारी की और भारत कुल ५ विकेट खोकर १५३ रनों तक पहुँच पाया था।[17] साथ ही उस मैच का मैन ऑफ़ द मैच भी रोहित को चुना गया था।[17] बाद में उसी विश्व ट्वेन्टी २० के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान टीम के खिलाफ मात्र १६ गेंदों पर ३० रनों की पारी खेली थी।[18]

१८ नवम्बर २००७ को राजस्थान के जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर पाकिस्तान के खिलाफ रोहित शर्मा ने अपना पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक लगाया।[19] और बाद में २००७-०८ की कॉमनवेल्थ बैंक श्रृंखला के लिए १६ सदस्य टीम में चुने गए जो ऑस्ट्रेलिया में होने वाली थी।[20] वहां उस श्रृंखला में इन्होंने ३३.५७ की औसत से कुल २ अर्द्धशतकों की मदद से २३५ रन बनाए जिसमें फाइनल मुकाबले में सिडनी में शानदार ६६ रनों की पारी खेली।[21][22] यह कॉमनवेल्थ श्रृंखला रोहित के लिए बहुत अच्छी रही।

हालांकि, उनकी वनडे के प्रदर्शन में बाद में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उसके मध्यक्रम स्थिति में सुरेश रैना ने जगह ले ली।[23]

दिसम्बर २००९ में इन्होंने रणजी ट्रॉफी के एक मैच में तिहरा शतक लगाया था जिसके कारण चयनकर्ताओं सोचने पर मजबूर कर दिया[24] और फिर बाद में इनको त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए बांग्लादेश में वनडे टीम में वापस बुलाया गया था क्योंकि उस समय सचिन तेंदुलकर को आराम दिया गया था।[25] हालांकि, विराट कोहली और सुरेश रैना अंतिम एकादश में इनसे पहले चयन किया गया था, लेकिन उनको भारत के पांच मैचों में से किसी में नहीं खेल पाए थे।

फ़रवरी २०१० में रोहित शर्मा को भारतीय टेस्ट टीम के लिए बुलाया गया था क्योंकि उस दौरान वी वी एस लक्ष्मण चोट से जूझ रहे थे इस कारण शर्मा को अपना पहला टेस्ट मैच खेलना का मौका दिया गया। लेकिन बाद में बल्लेबाज के बजाय बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों के लिए रिद्धिमान साहा को शामिल किया।

रोहित ने अपना पहला वनडे शतक २८ मई २०१० को ज़िम्बाब्वे क्रिकेट टीम के खिलाफ बनाया था उस मैच में इन्होंने ११४ रनों की पारी खेली थी। और बाद में अगले ही मुकाबले ३० मई २०१० को त्रिकोणीय श्रृंखला में श्रीलंका के खिलाफ एक और शतक लगा दिया था उस मैच में रोहित ने नाबाद ११० रन बनाए थे।[26][27]

इनको २०११ क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम में जगह नहीं दी गई थी।[28]

लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग के बाद २०११ में वेस्टइंडीज़ दौरे के लिए इनको टीम में चुना गया उस समय टीम में कई दिग्गजों को आराम दिया था जिसमें सचिन तेंदुलकरवीरेंद्र सहवाग कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे जबकि गौतम गंभीर और युवराज सिंह दोनों चोटों से जूझ रहे थे।[29] इस कारण तब उस दौरे में सुरेश रैना को कप्तानी सौंपी गई थी। लेकिन रोहित ज्यादा कुछ नहीं कर पाये और केवल टी२० में २३ गेंदों पर २६ रन बना सके थे। हालांकि उस मैच में भारत को जीत भी मिली थी।

फिर बाद में वनडे श्रृंखला में रोहित ने अच्छी शुरुआत की और पहले ही मुकाबले में अच्छी बल्लेबाजी करते हुए नाबाद ७५ गेंदों पर ६८ रनों की पारी खेली जिसमें ४ चौके और १ छक्का भी लगाया और साथ ही मैच का सर्वोच्च खिलाड़ी भी चुना गया था।[30] तीसरा वनडे मैच जो कि सर विवियन रिचर्ड्स मैदान पर खेला गया था उस मैच में रोहित शर्मा ने ९१ गेंदों पर उम्दा बल्लेबाजी करते हुए ९१ रन बनाए थे। उस मैच में भारत के ६ विकेट मात्र ९२ रनों पर गिर गए थे बाद में रोहित शर्मा ने हरभजन सिंह के साथ मिलकर अच्छी भागीदारी की और भारत को मैच जीताने में सफल हुए।[31] रैना की कप्तानी में उस समय रोहित ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और पहली बार वनडे में मैन ऑफ़ द सीरीज के विजेता बने।[32] इनकी अच्छी फॉर्म आगे चलती रही और एक बार फिर मैन ऑफ़ द सीरीज बने लेकिन इस बार भारत की सरजमी पर और वो भी विंडीज के खिलाफ।[33] फिर बाद में रोहित को २०११–१२ सीरीज में शामिल किया गया। २०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए एक नया शीर्ष क्रम का बल्लेबाज ढूंढा गया और वह था शिखर धवन [34] इस तरह भारत को रोहित शर्मा के साथ शिखर धवन जैसा खिलाड़ी मिला। और भारत के इन सालामी बल्लेबाजों की वजह से भारत २०१३ की चैम्पियन्स ट्रॉफी भी जीत सका था। रोहित की अच्छी फॉर्म जारी रही और फिर २०१३ में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को भारत बुलायी गयी, इस श्रृंखला में रोहित ने एक मैच में १४१ रन जयपुर में बनाये थे हालांकि उस मैच में आउट हो गए थे लेकिन एक अन्य मैच बैंगलोर में १५८ गेंदों पर २०९ बनाकर भारतीय टीम का नया रिकॉर्ड बनाया साथ ही मैच में अकेले रोहित ने १६ छक्के लगाकर ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन के लगाए १५ छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था और वनडे की एक पारी में किसी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड बना दिया।

 
शर्मा ऑस्ट्रेलिया में २०१५ क्रिकेट विश्व कप के दौरान

नवम्बर २०१३ में सचिन तेंदुलकर की विदाई वाली श्रृंखला में रोहित को खेलने का मौका मिला था और इन्होंने अपना पहला मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला गया था और उस मैच में १७७ रन बनाकर दूसरे सबसे सफल खिलाड़ी बन गए जिन्होंने पहले टेस्ट में शतक लगाया। अब तक भारत के कुछ ही ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच शतक लगाया जिसमें रोहित भी शामिल है। ये आगे बढ़ते रहे और मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम पर नाबाद १११ रन बनाए और तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने लगातार शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में शतक लगाया हो, इससे पूर्व १९९६ में सौरव गांगुली ने इंग्लैंड के खिलाफ और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने १९८४ में लगातार दो मैचों में शतक ठोके थे।

२०१० में रोहित शर्मा दुनिया के ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में २५० से ज्यादा रन बनाए हो और साथ ही दो बार दोहरे शतक लगाए हो। इन्होंने एक बार फिर कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर कारनामा किया और श्रीलंका टीम के खिलाफ २६४ रनों की पारी खेली थी और पूरे क्रिकेट जगत को दंग कर दिया था। इससे पूर्व भारत के ही वीरेंद्र सहवाग का सर्वाधिक २१९ रनों का स्कोर था।[35][36][37]

०२ अक्तूबर २०१५ को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी२० मैच में एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम, धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में शानदार बल्लेबाजी करते १०६ रनों की पारी खेली थी इसके साथ ही रोहित दूसरे भारतीय ऐसे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट में शतक लगाया हो, इससे पूर्व यह कारनामा सुरेश रैना के नाम था। इसके साथ ही रोहित ऐसे पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए जिन्होंने सभी प्रारूपों में शतक लगाये हो। फिर ११ अक्तूबर दौरे का पहला वनडे मैच खेला गया जिसमें १३३ गेंदों का सामना करते हुए १५० रन बनाए थे हालांकि वह मैच भारत अफ्रीका के ३०३ रनों का पीछा करते हुए हारी थी। फिर बाद में एक अन्य श्रृंखला जो ऑस्ट्रेलिया में हुई थी वहां पर रोहित ने एक बार फिर लगातार दो शतक लगाए और श्रृंखला के अंतिम मैच में ९९ रनों की पारी खेली थी।[38] रोहित वनडे के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने तीन दोहरे शतक लगाए हैं। उन्होंने आखिरी दोहरा शतक १३ दिसंबर २०१७ को श्रीलंका के खिलाफ कप्तान रहते हुए बनाया।

इंडियन प्रीमियर लीग

रोहित शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग में सफल खिलाड़ियों में से एक है और ये अन्तिम गेंद पर छक्के से जीताने में काफी क्षमता रखते है। अब तक इनके नाम आईपीएल में एक शतक और एक तिकड़ी भी है। रोहित शर्मा ने पहली बार २००८ आईपीएल में ७५०,००० यूएस डॉलर के लिए डेक्कन चार्जर्स के लिए हस्ताक्षर किया था।[39] ये २००८ इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने ३६.७२ की औसत से कुल ४०४ रन बनाए थे।[40] इस कारण इनको २००८ आईपीएल में कुछ मैचों में ऑरेन्ज कैप पहनने का मौका भी मिला था।

रोहित शर्मा जब २०११ इंडियन प्रीमियर लीग में रिकी पोंटिंग ने आईपीएल से संन्यास लिया था तब से मुम्बई इंडियन्स टीम के कप्तान है और आईपीएल के शीर्ष तीन कप्तानों में गिने जाते है। रोहित २००८ से २०१० तक डेक्कन चार्जर्स के लिए खेले थे जबकि २०११ से अब तक मुम्बई इंडियन्स के लिए खेल रहे है जिसमें दो बार २०१३ और २०१५ में टीम को विजेता भी बनाया है।