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राजनीति की हांड़ी में कनहैया की खिचड़ी
January 16, 2019 • शैलेन्द्र सिंह

मुद्दों की जानकारी न होना, या किसी भी घटनाक्रम में उदासीन बने रहना इस दौर की भारतीय राजनीति की बहुत बड़ी विडंबना है I झूठी खबरों और बिना मुद्दों की राजनीति का बाजार गरम है I देश में राष्ट्रवाद का माहौल बनाने का प्रयास जोर पकड़ रहा है I तीन साल के बाद JNU के क्षात्र कनहैया कुमार,उमर खालिद और अनिर्बान के खिलाफ दिल्ली पुलिस अदालत में आरोपपत्र दाखिल करती है I आरोप है कनहैया ने बिना इजाजत 9 फरवरी 2016 को एक कार्यक्रम रखा, उस वक्त वहां एकत्र हुए तमाम लोगों को ये सुचना दी गयी कि आपके पास इस कार्यक्रम  के लिए कोई परमिशन नहीं है, जिस पर भीड़ अचानक बेकाबू हो गयी I फिर कनहैया ने उस भीड़ का नेतृत्व किया और देश विरोधी नारेबाजीं  की गयी I चार्जशीट में कुछ कश्मीरी युवकों के नाम भी उभर के आये I अब यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि जून 2018  तक BJP उस PDP के साथ गठबंधन की सरकार चलाती  रही जिसके बारे में सबको पता है कि इनके कई नेता पृथकतावादी विचारधारा के हैं Iऐसी अलगाववादी सोच रखने वाले नेताओं की पार्टी के साथ भी BJP ने गठबंधन किया I  जब पार्टी को इस बात का आभास हुआ की PDP के साथ रहने से राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को बड़ा नुक्सान हो रहा है तो बिना किसी ठोस कारण या आधार के अचानक से PDP का साथ छोड़ दिया I अब न तो PDP से कोई गठबंधन है न कोई मजबूरी, जनवरी की ठण्ड में सियासत के गलियारों में जमी बर्फ चुनावी साल होने के कारण धीरे धीरे पिघलने लगी है I उत्तरप्रदेश में SP और BSP का गठबंधन हो चूका है I बिहार में कांग्रेस, तेजस्वी यादव, जीतराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा I कनहैया की भी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा होगी I खबर ये भी है कि वामपंथी दल के समर्थन से चुनाव लड़ सकते है और संभवतः कांग्रेस और RJD के साथ भी किसी तरह का तालमेल हो सकता है I 

अब सबसे बड़ा कारण तो ये है कि इस केस के जरिये कनहैया के राजनैतिक महत्वाकांक्षा पर प्रहार किया जाए वहीं दूसरी तरफ समर्थन में आने वाली अन्य पार्टियों को भी ये कह के घेरा जाए कि ये देश द्रोहियों के समर्थक है उनके साथ खड़े हैं I पूरे देश में एक बार फिर से देशभक्त बनाम देश द्रोही वाला माहोल बनाया जाए I एक बार फिर से TV के सभी चैनलों पर देश भक्ति - देशद्रोही वाला डिबेट चालू हो जाए ताकि जो वास्तविक मुद्दे हैं उसपर से जनता का ध्यान भटकाया जा सके I क्युकी फरवरी 2016 में जब ये प्रकरण सामने आया था तो जिस तरह की TV पर डिबेट हुयी थी जो माहौल बनाया गया था उसका सीधा सीधा लाभ BJP को हुआ था, अब फिर से एक बार उसी तरह का माहौल तैयार करने की कोशिस की जा रही है I ये माहौल बनाने में मीडिया ख़ास तौर पर TV चैनल्स ने अहम् भूमिका निभाई I कनहैया के खिलाफ अभी तक एक भी ठोस सबूत नहीं है, आज तक एक भी वीडियो सामने नहीं आया जिसमे कनहैया देश विरोधी नारे लगते दिखे हों I मकसद साफ है,अपनी राजनैतिक हांड़ी में कनहैया के जरिये अपनी राजनीति की खिचड़ी पकाना और अपनी राजनीति चमकाना I