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बजट 2019: पूर्ण कालिक प्रथम महिला वित्त मंत्री
July 5, 2019 • डेस्क
   केन्द्रीय बजट : 2 करोड़ तक टैक्स में कोई बदलाव नहीं, अमीरों पर बढ़ाया बोझ, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा में होगा सुधार
देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में मोदी सरकार का बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई जाएगी तथा नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में रिसर्च पर ज्यादा जोर होगा तथा इस पर 400 करोड़ खर्च होंगे।
             सीतारमण ने कहा कि दुनिया के टॉप 200 उच्च शिक्षण संस्थान में भारत के तीन शिक्षण संस्थान शामिल हैं। मैं 'भारत में अध्ययन' एक कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं,जो उच्च शिक्षा के लिए विदेशी छात्रों को भारत लाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके साथ ही सीतारमण ने महिलाओं की स्थिति सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान अहम ऐसे महिलाओं की भागीदारी से देश का विकास संभव है।

 
 

 
🔹 सरकार कई लेबर कानूनों को 4 कोड में बदलेगी।
🔹 स्टार्टअप के लिए टीवी कार्यक्रम शुरू होगा। जिससे स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। नया चैनल शुरू होगा। इससे उनको फंडिंग में मदद मिलेगी।
🔹 राजघाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र बनेगा जिसका दो अक्तूबर को उद्घाटन किया जाएगा।
🔹 उच्च शिक्षा संस्थानों को 400 करोड़ रुपये की मदद करेगी केंद्र सरकार।
🔹 विदेशी छात्रों के लिए 'स्टडी इन इंडिया' प्रोग्राम।
🔹 साल 2019-20 में 80 लिवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर्स लाए जाएंगे।
🔹 35 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए। जिससे 18341 करोड़ रुपए की बचत हुई।
🔹 सरकार 17 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों को विश्व स्तरीय स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। एक डिजिटल रिपॉजिटरी बनेगी।
🔹 एनआरआई को आधार कार्ड जारी किए जाएंगे। उनको 180 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
🔹 जिस महिला का जन धन अकाउंट है और जो सेल्फ हेल्प ग्रुप में वैरिफाइड है उसे 5 हजार रुपए की ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी।
🔹 एक सेल्फ हेल्प ग्रुप में 1 महिला को 1 लाख रुपए का लोन मुद्रा लोन योजना के जरिए दिया जाएगा।
 
 

 
'गांव, गरीब और किसान' तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ''अधिक सरल'' बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है. बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने पहले कार्यकाल में 'न्यू इंडिया' के लिए काम शुरू कर दिया था. अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में काम को पूरा कर के दिखाया. आम चुनाव में मतदाताओं ने काम करने वाली सरकार के 

 

  1. अब कार्यक्रमों की रफ्तार तेज की जाएगी और लालफीताशाही को कम किया जाएगा. डेढ़ करोड़ रुपये से कम के सालाना कारोबार वाले तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों एवं दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा.

  2. असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिये शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना को अब तक 30 लाख कामगारों ने अपनाया. इस योजना को अपनाने वाले कामगारों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा उपलब्ध होगी.

  3. बीते वित्त वर्ष में देश में 64.37 अरब डॉलर का एफडीआई आया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 से छह प्रतिशत अधिक है. मैं इस लाभ को और बेहतर करने का प्रस्ताव करती हूं जिससे भारत को विदेशी निवेश के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके.

  4. बीमा क्षेत्र की मध्यस्थ इकाइयों के लिए 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी जाएगी. साथ ही एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्थानीय खरीद के नियमों में ढील दी जाएगी. अभी एफडीआई नीति के तहत बीमा क्षेत्र में 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है. इसमें बीमा ब्रोकिंग, बीमा कंपनियां, तीसरा पक्ष प्रशासक (टीपीए), सर्वेयर और नुकसान आकलनकर्ता शामिल हैं.

  5. सरकार का मकसद ''हमारे नागरिकों के जीवन को अधिक सरल बनाना है. यह सूचना देते हुए प्रसन्न एवं संतुष्ट हूं कि भारत को दो अक्तूबर 2019 को खुले में शौच करने से मुक्त घोषित किया जाएगा.''    

  6. किराये वाले मकानों को प्रोत्साहन देने के लिए कई सुधार किए जायेंगे. मौजूदा कानून काफी पुराने हैं क्योंकि वे पट्टा देने वाले और पट्टा लेने वालों के संबंधों की समस्याओं का ढंग से निदान नहीं कर पाते. 

  7. श्रम कानूनों को सरल कर चार कानून संहिताएं तय की जाएंगी. इसका मकसद रिटर्न दाखिले और पंजीकरण का मानकीकरण करना और विवादों को घटना है.   स्वयं सेवी समूह की प्रमाणित महिला सदस्य का जन धन खाता होगा और उन्हें पांच हजार रूपये के ओवर ड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी.

  8. 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी.   जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी.

  9. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे. इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी.

मोदी सरकार-2 का बही खाता पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सभी सेक्टर्स को खुश करने की पूरी कोशिश की है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है। साथ ही सभी क्षेत्रों को राहत पहुंचाने एवं कर संग्रह बढ़ाने की दिशा में सरकार बढ़ती हुई दिखी है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रत्यक्ष कर संग्रह 78 प्रतिशत बढ़ा है। 2013-14 में कर संग्रह 6.38 लाख करोड़ रुपए था जो 2018 में बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए हुआ है।
         मोदी सरकार-1 के अंतिम बजट में मध्यमवर्गीय परिवारों को आयकर में दी गई राहत को बरकरार रखते हुए 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगाने का एलान किया है। वहीं 2 करोड़ तक की आय वालों के टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन सरकार ने देश के विकास में भागीदार निभाने के लिए अमीरों के टैक्स पर 3 फीसदी और 5 करोड़ से अधिक की आय पर 7 फीसदी की वृदि्ध की है।
बजट की खास बातें-
🔹 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
🔹 2-5 करोड़ की आय वालों पर 3 फीसदी अतिरिक्त कर लगेगा।
🔹 5 करोड़ से अधिक आय पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा।
🔹 2 करोड़ तक की आय पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
🔹 खाते से एक साल में एक करोड़ से ज्यादा निकासी पर 2 फीसदी टीडीएस लगेगा।
🔹 पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड से भी भरा जा सकेगा आयकर।
🔹 सरकारी बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। सरकारी बैंकों की संख्या घटाकर 8 की जाएगी।
🔹 सरकार हाउसिंग बैंक के रेगुलेशन को नेशनल हाउसिंग बैंक से हटाकर रिजर्व बैंक को देगी। इनका नया रेगुलेटर रिजर्व बैंक होगा।
🔹 सरकार ने ऐलान किया कि लोन देने वाली कंपनियों को अब सीधा आरबीआई कंट्रोल करेगी।
🔹 सरकार 1 से 20 रुपये के नए सिक्के जारी करेगी।
🔹 इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 12% की जगह 5 फीसदी जीएसटी।
🔹 स्टार्टअप के जुटाए फंड पर इनकम टैक्स जांच नहीं करेगा। एंजेल क्स से छूट।
🔹 अब 400 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी कॉर्पोरेट टैक्स देना होगा।
🔹 45 लाख तक का घर खरीदने पर 1.5 लाख की छूट।
🔹 हाउसिंग लोन पर 3.5 लाख रूपए तक ब्याज में छूट।
🔹 एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया एक बार फिर होगी शुरू।
🔹 युवाओं को महात्मा गांधी के मूल्यों से अवगत कराने के लिए 'गांधीपीडिया'बनेगा।
🔹 बुनियादी सुविधाओं के लिए 100 लाख करोड़ का निवेश होगा।
🔹 सोने और बहुमूल्य धातुओं पर उत्पाद शुल्क 10 से बढ़कर होगा 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
🔹 पेट्रोल और डीजल पर 1-1 रुपये का अतिरिक्त सेस वसूला जाएगा।
🔹 बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई