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प्रवासी भारतीय भी दुनिया को हमारे ज्ञान से परिचित करा रहे
January 22, 2019 • ब्यूरोचीफ वाराणसी अमित मिश्रा

  प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में पीएम मोदी

वाराणसी    मोदी ने कहा- काशी की तरह प्रवासी भारतीय भी दुनिया को हमारे ज्ञान से परिचित करा रहे। 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किया था प्रवासी भारतीय दिवस 9 जनवरी 1915 को गांधीजी द.अफ्रीका से भारत लौटे थे, इसी याद में मनाया जाता है प्रवासी दिवस इस बार प्रवासियों को कुंभ की भव्यता दिखाने के लिए तारीख बदली गई प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में पीएम मोदी के भाषण की।

             
 बड़ी बातें
 दुनियाभर में बसे आप सभी भारतीयों से संवाद का ये अभियान हम सभी के प्रिय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरु किया था। अटल जी के जाने के बाद ये पहला प्रवासी भारतीय सम्मेलन है। इस अवसर पर मैं अटल जी को भी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं, उनकी इस विराट सोच के लिए नमन करता हूं। आप काशी में हैं, इसलिए मैं काशी और आप सभी में एक समानता देख रहा हूं। बनारस नगरी चिरकाल से भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ज्ञान की परंपरा से दुनिया में देश का परिचय कराती रही है। आप अपने दिलों में भारत और भारतीयता को संजोए हुए, इस धरती की ऊर्जा से दुनिया को परिचित करा रहे हैं । मैं आपको भारत का ब्रैंड एंबेसेडर मानने के साथ ही भारत के सामर्थ्य और भारत की क्षमताओं, देश की विशेषताओं का प्रतीक भी मानता हूं।  इसलिए ही आप अभी जिस देश में रह रहे हैं, वहां के समाज को भी आपने अपनापन दिया है, वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था को समृद्ध किया है। आपने 'वसुधैव कुटुंबकम' के भारतीय दर्शन का, हमारे पारिवारिक मूल्यों का विस्तार किया है।
      दुनिया आज हमारी बात को, हमारे सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ सुन भी रही है और समझ भी रही है। पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्वीकार कर रही है। आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है। इंटरनेश्नल सोलर अलायंस यानि आइसा ऐसा ही एक मंच है। इसके माध्यम से हम दुनिया को One World, One Sun, One Grid की तरफ ले जाना चाहते हैं। आज हमारा युवा मेक इन इंडिया के तहत रिकॉर्ड स्तर पर मोबाइल फोन, कार, बस, ट्रक, ट्रेन बना रहा है, तो वहीं खेत में रिकॉर्ड अन्न उत्पादन भी हो रहा है।  आप में से अनेक लोगों ने हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कही एक बात जरूर सुनी होगी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली से जो पैसा भेजती है, उसका सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोगों तक पहुंच पाता है  हमने टेक्नोल़ॉजी का इस्तेमाल करके इस 85 प्रतिशत की लूट को 100 प्रतिशत खत्म कर दिया है  बीते साढ़े चार वर्षों में 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए यानि करीब-करीब 80 बिलियन डॉलर हमारी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिए हैं, उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं। 

                                            
         किसी को घर के लिए, किसी को पढ़ाई के लिए, किसी को स्कॉलरशिप के लिए, किसी को गैस सिलेंडर के लिए, किसी को अनाज के लिए, ये राशि दी गई है । अब आप अंदाजा लगाइए, अगर देश पुराने तौर तरीकों से ही चल रहा होता, तो आज भी इस 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए में से 4 लाख 91 हजार करोड़ रुपए लीक हो रहा होते। अगर हम व्यवस्था में बदलाव नहीं लाए होते ये राशि उसी तरह लूट ली जाती, जैसे पहले लूटी जाती थी ये कार्य पहले भी हो सकता था, लेकिन नीयत नहीं थी, इच्छाशक्ति नहीं थी। हमारी सरकार अब उस रास्ते पर चल रही है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली हर मदद डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम के तहत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। मैं आपको एक और आंकड़ा देता हूं। पिछले साढ़े चार साल में हमारी सरकार ने करीब-करीब 7 करोड़ ऐसे फर्जी लोगों को पहचानकर, उन्हें व्यवस्था से हटाया है। ये 7 करोड़ लोग वो थे, जो कभी जन्मे ही नहीं थे, जो वास्तव में थे ही नहीं  लेकिन ये 7 करोड़ लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे. आप सोचिए, पूरे ब्रिटेन में, फ्रांस में, पूरे इटली में जितने लोग हैं, ऐसे अनेक देशों की जनसंख्या से ज्यादा तो हमारे यहां वो लोग थे, जो सिर्फ कागजों में जी रहे थे और कागजों में ही सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। पासपोर्ट के साथ-साथ वीज़ा से जुड़े नियमों को भी सरल किया जा रहा है. ई-वीजा की सुविधा मिलने से आपके समय की बचत भी हो रही है और परेशानियां भी कम हुई हैं। अभी भी अगर कोई समस्याएं इसमें हैं तो उसके सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं ।
         आप में अनेक इस बात से भी परिचित होंगे कि हमारी सरकार ने पीआईओ कॉर्ड को ओसीआई कॉर्ड में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है  बदलते हुए इस भारत में आप रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सरकार ये भी कोशिश कर रही है कि भारत के स्टार्ट अप्स और एनआरआई मेंटर्स एक साथ, एक प्लेटफॉर्म पर लाए. मैं इस मंच पर पहले भी कह चुका हूं, आज फिर दोहराना चाहता हूं कि आप जिस भी देश में रहते हैं, वहां से अपने आसपास के कम से कम 5 परिवारों को भारत आने के लिए प्रेरित करिए। आपका ये प्रयास, देश में टूरिज्म बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।


 लखनऊ. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बुधवार को लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में विदेश मंत्री ने कहा कि, 21 से 23 जनवरी को वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस में पिछले बार की तुलना में तीन गुना अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। पहले अलग-अलग देशों से समूह में करीब 50-60 लोग ही आते थे, लेकिन इस बार 400 से ज्यादा के समूह में प्रवासी भारतीय विभिन्न देशों से आ रहे हैं। हमारी कोशिश है कि प्रवासी भारतीयों के अनुभव का लाभ उठाया जाए और देश के विकास में सहयोग मिल सके।
                                                                                                                                    ब्यूरोचीफ    वाराणसी     अमित मिश्रा