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प्रवासी भारतीय दिवस- अतिथि देवो भव:
January 22, 2019 • Bureau Chief- Varanasi, Amit Mishra
 सुषमा स्वराज और योगी आदित्यनाथ के हाथों समारोह का उद्घाटन, युवाओं को समर्पित है पहला दिन 
 
15th edition of PBD in Varanasi : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। दुनिया के सबसे प्राचीनतम शहर वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) के 15वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। पीबीडी कार्यक्रम पहली बार आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में आयोजित हो रहा है। यह कार्यक्रम 23 जनवरी तक चलेगा जिसमें चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में शिरकत करने वाले अप्रवासी भारतीयों को सारनाथ एवं गंगा घाटों के अलावा अन्य जगहों का भ्रमण कराया जाएगा। इस बार पीबीडी की थीम 'नए भारत के निर्माण में अप्रवासी भारतीयों की भूमिका' रखी गई है। इस समारोह में भारतीय मूल के कई वैश्विक नेता शिरकत कर रहे हैं। पीबीडी के पहले दिन का कार्यक्रम युवाओं एवं उत्तर प्रदेश पर केंद्रित है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर से करीब 6000 मेहमानों की पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। कार्यक्रम के लिए कुछ अप्रवासी भारतीय पहले से ही वाराणसी में डेरा डाल चुके हैं। अप्रवासी भारतीय बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भी पहुंच रहे हैं।प्रवासी भारतीयों के लिए वाराणसी एवं प्रयागराज में 'टेंट सिटी' का निर्माण किया गया है। पीबीडी का आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब प्रयागराज में कुंभ चल रहा है। प्रवासी भारतीयों के पास कुंभ मेले और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का अवसर भी है। प्रवासी भारतीयों को प्रयागराज ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को पीबीडी कार्यक्रम में शामिल होंगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ मुख्य अतिथि होंगे।

                           योगी बोले- अतिथि देवो भव:
 वाराणसी: आध्यात्मिक नगर बनारस में आज (21 जनवरी) से तीन दिवसीय ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ (Pravasi Bharatiya Diwas 2019) शुरू हो रहा है। वाराणसी यहां आने वाले अतिथियों की स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।  ‘काशी का आतिथ्य’ विचार के तहत स्थानीय लोगों से भारतवंशी अतिथियों, आगंतुकों को ठहरने की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया गया ताकि उन्हें ऐतिहासिक शहर बनारस के लोगों से रूबरू होने का मौका मिल सके।  प्रवासी दिवस समारोह की व्यवस्था पर नजर रख रहे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आगंतुकों की यात्रा को यादगार बनाने के लिए बनारस में पर्याप्त इंतजाम किये गए हैं।  होटल और टेंट सिटी के अलावा शहर के कई परिवारों ने अतिथि देवो भव: की भावना के साथ आने वालों को आतिथ्य सुविधा प्रदान करने की इच्छा प्रकट की है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहमानों को ठहराने के लिए परिवारों को अनुमति देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वाराणसी जिला प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि निशुल्क ठहरने की सुविधा प्रदान करने के लिए सैकड़ों परिवारों को चुना गया है।  एक ऐप्प भी बनाया गया है जिसपर इसके लिए पंजीकरण किया गया है।  काशी के ये परिवार अतिथियों को खाना भी मुहैया कराएंगे। 
 नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका' थीम पर आधारित इस आयोजन में पहले दिन युवा प्रवासियों के सफलता से युवा प्रेरणा लेंगे। 

9.38 बजे स्वागत भाषण दन्यानेश्वर एम मुले, सचिव, विदेश मंत्रालय। 

9.40 बजे संबोधन राज्य वर्धन सिंह राठौर, युवा व खेल राज्य मंत्री। 

9.55 बजे संबोधन योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री यूपी। 

10.10 बजे संबोधन हिमांशु गुलाटी, सांसद नार्वे। 

10.30 बजे संबोधन कंवलजीत सिंह बक्शी, सांसद न्यूजीलैंड। 

10.40 बजे संबोधन सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री। 

11.05 बजेआभार ज्ञापन, सचिव युवा व खेल मंत्रालय। 

11.30 बजे अधिवेशन, भारतीय युवा प्रवासियों संग संवाद। 

11.30 बजे उप्र प्रवासी दिवस का डा. भीमराव आंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ालालपुर में उद्घाटन। 

2.30 बजे युवा प्रवासी भारतीयों का बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन में संवाद। 

6 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम
 प्रवासी भारतीय दिवस का उद्देश्‍य
- अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, भावना की अभिव्यक्ति, देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना। 
- विश्व के सभी देशों में अप्रवासी भारतीयों का नेटवर्क बनाना। 
- युवा पीढ़ी को अप्रवासियों से जोड़ना। 
- विदेशों में रह रहे भारतीय श्रमजीवियों की कठिनाइयां जानना त‍था उन्हें दूर करने की कोश‍िश करना।  
- भारत के प्रति अनिवासियों को आकर्षित करना। 
- निवेश के अवसर को बढ़ाना। 
 ये प्रवासी भारतीय दिवस का 15वां (15th Pravasi Bhartiya Divas) आयोजन है, इससे पहले प्रवासी भारतीय द‍िवस (Pravasi Bhartiya Divas) का आयोजन 9 जनवरी को या उसके आस-पास होता आया था. प्रवासी भारतीय द‍िवस का मकसद भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान को पहचान द‍िलाने से है. प्रवासी द‍िवस की शुरुआत 2003 से हुई थी. इस मौके पर हर साल भारत सरकार अमूमन तीन दिवसीय सम्‍मेलन का आयोजन करती है। 
 इस वजह से 9 जनवरी को मनाया जाता है प्रवासी भारीतय द‍िवस (Pravasi Bhartiya Divas)। 
महात्‍मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से स्‍वदेश वापस लौटे थे. महात्‍मा गांधी को सबसे बड़ा प्रवासी माना जाता है। 
ऐसा पहली बार होगा, जब यह तीन दिवसीय कार्यक्रम नौ जनवरी के बजाय 21 से 23 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है, ताकि इस कार्यक्रम में पहुंचे लोग इलाहाबाद के कुंभ मेले में जा पाएं और गणतंत्र दिवस परेड भी देख सकें।  प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार इस साल के प्रवासी भारतीय दिवस का विषय ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ है।  मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी विशिष्ट अतिथि होंगे।  न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी ‘विशिष्ट अतिथि’ होंगे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 23 जनवरी को समापन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।