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पुसरला वेंकट सिंधु Indian daughter World daughter
August 25, 2019 • Desk

 

ओलंपिक रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने को स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में नोजोमी ओकुहारा को मात देकर इतिहास रच दिया है.

बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2019 के फाइनल में सिंधु ने जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल जीता है. सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. बता दें कि इससे पहले बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए महिला और पुरुष वर्गों में से अब तक किसी ने गोल्ड मेडल नहीं जीता .

पी.वी. सिंधु ने जापान की खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण पदक जीत लिया. सिंधु ने ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से पराजित किया. यह मुकाबला 38 मिनट तक चला. इस जीत के साथ ही सिंधु ने ओकुहारा से खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 9-7 का कर लिया है. भारतीय बैडमिंटन स्टार सिंधु ने इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही 2017 के फाइनल में ओकुहारा से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया. साल 2017 और 2018 में रजत तथा 2013 व 2014 में कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधु ने पहले गेम में अच्छी शुरुआत की और 5-1 की बढ़त बना ली. इसके बाद वह 12-2 से आगे हो गईं.
भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया। उन्होंने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के विमिंस सिंगल्स के फाइनल में जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को एकतरफा हराते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। वह इस टूर्नमेंट का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। स्विट्जरलैंड के बासेल में 38 मिनट तक चले खिताबी मुकाबले में वर्ल्ड नंबर 5 सिंधु ने 21-7 और 21-7 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने इस टूर्नमेंट में 2017 में ओकुहारा से मिली हार का बदला भी ले लिया। यह उनका वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहला गोल्ड मेडल है, जबकि कुल 5वां मेडल है। बता दें कि ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट यह शटलर इससे पहले 2017 और 2018 में सिल्वर और 2013 व 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। 

पहला गेम 16 मिनट में जीता 
16 मिनट तक चले पहले गेम में इंडियन शटलर ने जबरदस्त शुरुआत की और लगातार 7 पॉइंट्स लेते हुए जापानी खिलाड़ी पर 8-1 की बढ़त बना ली। इस दौरान वर्ल्ड नंबर-4 नाजोमी नेट पर बुरी तरह विफल रहीं, जिसका फायदा सिंधु को मिला। सिंधु ने यहां दबाव बनाए रखा और जोरदार स्मैश लगाया, जिसका विपक्षी खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था। पहले गेम में ब्रेक के समय उनकी बढ़त 11-2 हो गई। ब्रेक के बाद जब गेम शुरू हुआ तो जापानी शटलर ने टक्कर देने की कोशिश, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। लंबी-लंबी रैलियों के बीच सिंधु ने लगातार 5 पॉइंट लेकर बढ़त 16-2 कर ली। यहां नोजोमी को 2 पॉइंट जरूर मिले, लेकिन उसमें सिंधु के आउट शॉट की भूमिका रही। इसके बाद भारतीय शटलर ने कोई मौका नहीं दिया और पहला गेम 21-7 से अपने नाम करते हुए 1-0 की बढ़त ले ली। 

दूसरा गेम भी रहा एकतरफा 
पीवी सिंधु के खेल का दूसरे दौर में भी ओकुहारा के पास जवाब नहीं था। 22 मिनट तक चले इस गेम में शुरुआत तो रोचक रही, लेकिन जल्द ही सिंधु ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। देखते ही देखते उनकी बढ़त 11-4 हो गई। ब्रेक के बाद जब गेम शुरू हुआ तो सिंधु ने लगातार 5 पॉइंट लेकर बढ़त 16-4 कर ली। यहां ओकुहारा ने 3 पॉइंट लिए, लेकिन सिंधु ने यह गेम 21-7 से जीतते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने ओकुहारा के खिलाफ जीत हार का अंतर 8-8 से बराबर कर लिया है। 

         पुसरला वेंकट सिंधु 5 जुलाई 1995) एक विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं तथा भारत की ओर से ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक जीतने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इससे पहले वे भारत की नैशनल चैम्पियन भी रह चुकी हैं। सिंधु ने नवंबर 2016 में चीन ऑपन का खिताब अपने नाम सिंधु पूर्व वालीबॉल खिलाड़ी पी.वी. रमण और पी. विजया के घर 5 जुलाई 1995 में पैदा हुई। रमण भी वालीबाल खेल में उल्लेखनीय कार्य हेतु वर्ष-2000 में भारत सरकार का प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। उनके माता-पिता पेशेवर वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, किन्तु सिंधु ने 2001 के ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन बने पुलेला गोपीचंद से प्रभावित होकर बैडमिंटन को अपना करियर चुना और महज आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया। सिंधु ने सबसे पहले सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूर संचार के बैडमिंटन कोर्ट में महबूब अली के मार्गदर्शन में बैडमिंटन की बुनियादी बातों को सीखा। इसके बाद वे पुलेला गोपीचंद के गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी में शामिल हो गई। आगे चलकर वे मेहदीपट्टनम से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हैं।
      अंतरराष्ट्रीय सर्किट में, सिंधु कोलंबो में आयोजित 2009 सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रही हैं।उसके बाद उन्होने वर्ष-2010 में ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज के एकल वर्ग में रजत पदक जीता। वे इसी वर्ष मेक्सिको में आयोजित जूनियर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। 2010 के थॉमस और उबर कप के दौरान वे भारत की राष्ट्रीय टीम की सदस्य रही।

14 जून 2012 को, सिंधु इंडोनेशिया ओपन में जर्मनी के जुलियन शेंक से 21-14, 21-14 से हार गईं। 7 जुलाई 2012 को वे एशिया यूथ अंडर-19 चैम्पियनशिप के फाइनल में उन्होने जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहरा को 18-21, 21-17, 22-20 से हराया। उन्होने 2012 में चीन ओपन (बैडमिंटन) सुपर सीरीज टूर्नामेंट में लंदन ओलंपिक 2012 के स्वर्ण पदक विजेता चीन के ली जुएराऊ को 9-21, 21-16 से हराकर सेमी फाइनल में प्रवेश किया। वे चीन के ग्वांग्झू में आयोजित 2013 के विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में एकल पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी है। इसमें उन्होने ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया था। भारत की उभरती हुई इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 1 दिसम्बर 2013 को कनाडा की मिशेल ली को हराकर मकाउ ओपन ग्रां प्री गोल्ड का महिला सिंगल्स खिताब जीता है। शीर्ष वरीयता प्राप्त 18 वर्षीय सिंधु ने सिर्फ 37 मिनट चले खिताबी मुकाबले में मिशेल को सीधे गेम में 21-15, 21-15 से हराकर अपना दूसरा ग्रां प्री गोल्ड खिताब जीता। उन्होंने इससे पहले मई में मलेशिया ओपनजीता था। सिंधु ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और कनाडा की सातवीं वरीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। पी. वी. सिंधु ने 2013 दिसम्बर में भारत की 78वीं सीनियर नैशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप का महिला सिंगल खिताब जीता।

2016 रियो ओलम्पिक 
सिंधु ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किये गए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। सेमी फाइनल मुकाबले में सिंधु ने जापान की नोज़ोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19 और 21-10 से हराया। फाइनल में उनका मुकाबला विश्व की प्रथम वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मैरिन से हुआ। पहली गेम 21-19 से सिंधु ने जीता लेकिन दूसरी गेम में मैरिन 21-12 से विजयी रही, जिसके कारण मैच तीसरी गेम तक चला। तीसरी गेम में उन्होंन {21-15} के स्कोर से मुकाबला किया किंतु अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।'महिला एकल बैडमिंटन के सेमीफाइनल में विश्व की नंबर छह खिलाड़ी नोज़ोमी ओकुहारा को हराने के बाद सिंधु सबसे अधिक खोजे जाने वाली भारतीय खिलाड़ी हैं। इसके बाद भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली साक्षी मलिक का नंबर है।' 16 से 19 अगस्त 2016 में इंटरनेट पर सबसे अधिक ढूंढे जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों में किदांबी श्रीकांत (बैडमिंटन), दीपा कर्माकर (जिमनैस्टिक), सानिया मिर्जा (टेनिस), साइना नेहवाल (बैडमिंटन), विनेश फोगट (कुश्ती), ललिता बाबर (3000 मीटर स्टीपलचेज), विकास कृष्ण यादव (मुक्केबाजी) और नरसिंह पंचम यादव (कुश्ती) शामिल हैं।

पीएम ने दी बधाई 
इस ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी ने सिंधु को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- करिश्माई प्रतिभा की धनी पीवी सिंधु ने भारत को एक बार फिर गौरवान्वित किया है। वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें बधाई। उनकी बैडमिंटन के प्रति लगन और समर्पण प्रेरणादायक है। पीवी सिंधु की सफलता खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।