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गांधी हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं
February 4, 2019 • लखनऊ ब्यूरो

दिनांकः 2 फरवरी, 2019 : गांधी हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं



         जबकि शेष देश 30 जनवरी को गांधी की पुण्य तिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था कुछ ऐसे भी कायर लोग थे तो गांधी के पुतले को गोली मार कर उसे जला रहे थे। असल में ये लोग डरते हैं गांधी से और उसकी विचारधारा से। गांधी की विचारधारा का सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में इतना प्रभाव है के उसे कई बाद मारने की कोशिश के बावजूद वह जिंदा ही रहेगी। आखिर, दुनिया में थारत की पहचान गांधी से होती है और किसी से नहीं। दुनिया के कई आंदोलन गांधी से प्रेेरणा लेते हैं और दूसरे देशों के लोग अपने यहां गांधी की मूर्ति लगाते हैं।
        यह भारत का दुर्भाग्य है कि एक ऐसी विचारधारा जिसका इस देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा, बल्कि जो लोग अंग्रेजों का साथ दे रहे थे, वे आज समाज पर हावी हैं। गांधी की हत्या करने से लेकर इन लोगों ने बाबरी मस्जिद का ध्वंस कर देश में आतंकवाद नामक समस्या को न्योता दिया और देश के अंदर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया। इनकी कायरता की दास्तान बहुत लम्बी है। ये राष्ट्रवाद के नाम पर देश के गरीब, वंचित तबकों के अधिकारों का हरण करते हैं और देश के सामाजिक ढांचे को वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति में तहस नहस करते हैं।  गांधी का योगदान इस देश के लिए बहुत बड़ा है। उनको नीचा दिखाने की कोशिश काने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे। समाज को गांधी की सत्य, अहिंसा व प्रेम वाली विचारधारा ही पसंद है, नफरत और हिंसा का विचार नहीं। गांधी था, है और हमेश रहेगा। उनकी हत्या का समर्थन करने वाली विचारधारा समाप्त हो जाएगी। क्योकि शाशवत सत्य और पे्रम है, झूठ और नफरत नहीं।

 लाल बहादुर राय(गांधी भवन ), संदीप पाण्डेय (लोक राजनीति मंच), गौरव सिंह(युवा शक्ति संगठन),प्रवीण श्रीवास्तव(नींव)