कितनी पीढ़ियों तक आरक्षण जारी रहेगा- sc
कोरोना के बढ़ते
मामलों के
बीच शिवराज
सिंह सरकार
ने राजधानी
भोपाल समेत
कुछ शहरों
में एक
दिन के
लॉकडाउन का
ऐलान किया
है। इस संबंध
में संयुक्त
राष्ट्र की
एक रिपोर्ट
भी इसे
लेकर कई
संकेत किए
हैं। तो
क्या सीजनल
हो गया
है कोरोना
वायरस? मामलों
में अचानक
उछाल ने
उठाए कई
सवाल. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब
सरकार ने 31 मार्च तक स्कूल और कॉलेज को बंद करने का फैसला किया है। देश में पिछले
24 घंटे में आए कोरोना के करीब 40 हज़ार नए केस। महाराष्ट्र में तेज़ी से बढ़ रहे नए
मामले। राज्य सरकार ने सभी थिएटर, ऑडिटोरियम और ऑफिस को 31 मार्च तक 50 फ़ीसदी क्षमता
से ही चलाने का दिया आदेश। पंजाब में 31 तक स्कूल-कॉलेज बंद।
एंटीलिया केस की
जांच कर
रही राष्ट्रीय
जांच एजेंसी
ने शुक्रवार
रात को
घटना वाले
स्थल पर
जाकर क्राइम
सीन को
रिक्रेयट किया।
इस दौरान
सचिन वाझे
को कुर्ता
पयजामा पहनाया
गया।
उच्चतम न्यायालय ने
मराठा कोटा
मामले की
सुनवाई के
दौरान शुक्रवार
को जानना
चाहा कि
कितनी पीढ़ियों
तक आरक्षण
जारी रहेगा।
शीर्ष न्यायालय
ने 50 प्रतिशत
की सीमा
हटाए जाने
की स्थिति
में पैदा
होने वाली
असमानता को
लेकर भी
चिंता प्रकट
की। महाराष्ट्र
सरकार की
ओर से
पेश हुए
वरिष्ठ अधिवक्ता
मुकुल रोहतगी
ने न्यायमूर्ति
अशोक भूषण
की अध्यक्षता
वाली पांच
न्यायाधीशों की संविधान पीठ से
कहा कि
कोटा की
सीमा तय
करने पर
मंडल मामले
में (शीर्ष
न्यायालय के)
फैसले पर
बदली हुई
परिस्थितियों में पुनर्विचार करने की
जरूरत है।
उन्होंने कहा
कि न्यायालयों
को बदली
हुई परिस्थितियों
के मद्देनजर
आरक्षण कोटा
तय करने
की जिम्मेदारी
राज्यों पर
छोड़ देनी
चाहिए और
मंडल मामले
से संबंधित
फैसला 1931 की जनगणना पर आधारित
था। मराठा
समुदाय को
आरक्षण प्रदान
करने वाले
महाराष्ट्र के कानून के पक्ष
में दलील
देते हुए
रोहतगी ने
मंडल मामले
में फैसले
के विभिन्न
पहलुओं का
हवाला दिया।
इस फैसले
को इंदिरा
साहनी मामला
के रूप
में भी
जाना जाता
है। उन्होंने
कहा कि
आर्थिक रूप
से कमजोर
तबके के
लोगों (ईब्ल्यूएस)
को 10 प्रतिशत
आरक्षण देने
का केंद्र
सरकार का
फैसला भी
50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन
करता है।
इस पर
पीठ ने
टिप्पणी की,
‘यदि 50 प्रतिशत
की सीमा
या कोई
सीमा नहीं
रहती है,
जैसा कि
आपने सुझाया
है, तब
समानता की
क्या अवधारणा
रह जाएगी।
आखिरकार, हमें
इससे निपटना
होगा। इस
पर आपका
क्या कहना
है...इससे
पैदा होने
वाली असमानता
के बारे
में क्या
कहना चाहेंगे।
आप कितनी
पीढ़ियों तक
इसे जारी
रखेंगे।' पीठ
में न्यायमूर्ति
एल नागेश्वर
राव, न्यायमूर्ति
एस अब्दुल
नजीर, न्यायमूर्ति
हेमंत गुप्ता
और न्यायमूर्ति
रविंद्र भट
शामिल हैं।
रोहतगी ने
कहा कि
मंडल फैसले
पर पुनर्विचार
करने की
कई वजह
है, जो
1931 की जनगणना
पर आधारित
था। साथ
ही, आबादी
कई गुना
बढ़ा कर
135 करोड़ पहुंच गई है। पीठ
ने कहा
कि देश
की आजादी
के 70 साल
गुजर चुके
हैं और
राज्य सरकारें
कई सारी
कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं
तथा ‘क्या
हम स्वीकार
कर सकते
हैं कि
कोई विकास
नहीं हुआ
है, कोई
पिछड़ी जाति
आगे नहीं
बढ़ी है।’
न्यायालय ने
यह भी
कहा कि
मंडल से
जुड़े फैसले
की समीक्षा
करने का
यह उद्देश्य
भी है
कि पिछड़ेपन
से जो
बाहर निकल
चुके हैं,
उन्हें अवश्य
ही आरक्षण
के दायरे
से बाहर
किया जाना
चाहिए। इस
पर रोहतगी
ने दलील
दी, ‘हां,
हम आगे
बढ़े हैं,
लेकिन ऐसा
नहीं है
कि पिछड़े
वर्ग की
संख्या 50 प्रतिशत से घट कर
20 प्रतिशत हो गई है। देश
में हम
अब भी
भूख से
मर रहे
हैं...मैं
यह नहीं
कहने की
कोशिश कर
रहा हूं
कि इंदिरा
साहनी मामले
में फैसला
पूरी तरह
से गलत
था और
इसे कूड़ेदान
में फेंक
दिया जाए।
मैं यह
मुद्दा उठा
रहा हूं
कि 30 साल
हुए हैं,
कानून बदल
गया है,
आबादी बढ़
गई है,
पिछड़े लोगों
की संख्या
भी बढ़
गई है।’
उन्होंने कहा
कि ऐसे
में जब
कई राज्यों
में आरक्षण
की सीमा
50 प्रतिशत से अधिक है, तब
यह नहीं
कहा जा
सकता कि
यह ‘‘ज्वलंत
मुद्दा’’ नहीं
है और
30 साल बाद
इस पर
पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं
है। मामले
में बहस
बेनतीजा रही
और सोमवार
को भी
दलील पेश
की जाएगी।
गौरतलब है
कि शीर्ष
न्यायालय बंबई
उच्च न्यायालय
के उस
फैसले को
चुनौती देने
वाली याचिकाओं
पर सुनवाई
कर रही
है, जिसमें
राज्य के
शैक्षणिक संस्थानों
में दाखिले
और सरकारी
नौकरियों में
मराठा समुदाय
को आरक्षण
देने को
कायम रखा
गया था।
नंदीग्राम से ममता
बनर्जी के
खिलाफ ताल
ठोंक रहे
शुवेंदु अधिकारी
ने दो
बड़ी बातें
कहीं। पहली
तो ये
कि ममता
को मोदी
की वैक्सीन
को लेना
ही होगा।
इसके साथ
कहा कि
मोदी के
खिलाफ बोलना
मतलब भारत
माता का
अपमान है।
कांग्रेस सांसद राहुल
गांधी ने
तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ की रैली
में बीजेपी
पर जमकर
निशाना साधा।
उन्होंने कहा
कि असम
को बाहरी
लोग पहले
से ही
बर्बाद कर
चुके हैं
और एक
बार फिर
दोबारा कोशिश
की जा
रही है।
क्या राहुल
गांधी के
लिए विदेशी
सरजमीं है
नागपुर.
पश्चिम बंगाल सरकार
की फारेंसिक
साइंस लेबोरेटरी
उन खंबों
की पड़ताल
कर रही
है जिसमें
सीएम ममता
बनर्जी की
कार टकरा
गई थी।
अब खंभों
में ढूंढा
जा रहा
है जवाब,
ममता बनर्जी
को कैसे
लगी थी
चोट
उत्तर प्रदेश की
योगी सरकार
शुक्रवार को
अपने चार
वर्षों का
कार्यकाल पूरा
किया। इस
मौके पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी
सरकार की
उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश
किया।
अमेरिका के विदेश
मंत्री लॉयड
ऑस्टिन अपनी
तीन दिनों
की यात्रा
पर शुक्रवार
को भारत
पहुंचे। अमेरिका
में जो
बिडेन के
सरकार संभालने
के बाद
उनके प्रशासन
के किसी
उच्च अधिकारी
की यह
पहली भारत
यात्रा है।
दिल्ली पुलिस ने
एक ऐसे
सेक्स रैकेट
का भांडाफोड़
किया है
जो अपने
ग्राहकों को
ऑनलाइन सेवा
मुहैया कराता
था। पुलिस
ने इस
गिरोह का
खुलासा करते
हुए 2 लड़कियों
समेत 4 लोगों
को गिरफ्तार
किया है।
केरल चुनाव में
सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने
घोषणापत्र में सभी घरेलू महिलाओं
को पेंशन
का किया
वादा।
टिकट बंटवारे को
लेकर मुश्किल
में बंगाल
बीजेपी। कार्यकर्ताओं
के भारी
विरोध के
कारण पार्टी
को अलीपुरद्वार
सीट पर
अपना प्रत्याशी
बदलना पड़ा।
बीजेपी ने
गुरुवार को
148 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की
थी। इसमें
20 नाम दूसरे
दलों से
आए नेताओं
के बताए
जा रहे
हैं।
केंद्र ने अरविंद
केजरीवाल सरकार
की महत्वाकांक्षी
'मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना'
पर लगाई
रोक। 25 मार्च
से दिल्ली
में शुरू
होनी थी
योजना। केंद्र
ने फूड
सिक्योरिटी ऐक्ट का हवाला देकर
कहा, राशन
देना उसका
काम है।
ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों
में पढ़ने
की इच्छा
लेकर आने
वाले भारतीय
छात्रों के
लिए राजधानी
लंदन सबसे
आकर्षक गंतव्य
बनता जा
रहा है।
अंतरराष्ट्रीय छात्र बाजार में विकल्प
के तौर
पर 2018-19 में जहां यह तीसरे
स्थान पर
था, वहीं
2019-20 के दौरान यह दूसरे स्थान
पर रहा।
उच्च शिक्षा
सांख्यिकीय एजेंसी (एचईएसए) की ओर
से जारी
नए आंकड़ों
के अनुसार,
लंदन के
विश्वविद्यालयों में 13,435 भारतीय छात्र पंजीकृत
हैं जो
कि पिछले
साल (7,185) के मुकाबले 87 प्रतिशत ज्यादा
हैं।
पिछले 24 घंटों के
दौरान, मध्य
प्रदेश, विदर्भ
और छत्तीसगढ़
के कुछ
हिस्सों में
हल्की से
मध्यम बारिश
और गरज
के साथ
हल्की बौछारें
पड़ीं। राजस्थान,
जम्मू और
कश्मीर, गिलगित
बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और
उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में
हल्की बारिश
हुई। सिक्किम,
असम और
अरुणाचल प्रदेश
के कुछ
हिस्सों में
हल्की बारिश
हुई। पंजाब,
उत्तरी राजस्थान,
हरियाणा, दिल्ली
और पश्चिम
उत्तर प्रदेश
में कुछ
स्थानों पर
हल्की बारिश
और गरज
के साथ
बौछारें हुईं।
अगले 24 घंटों
के दौरान,
उत्तर भारत
के राज्यों
में विशेष
रूप से
जम्मू कश्मीर,
हिमाचल प्रदेश
में कुछ
स्थानों पर
गर्जना के
साथ कहीं-कहीं पर
हल्की बारिश
और बर्फबारी
होने की
संभावना है।
उत्तर भारत
के पहाड़ों
पर बारिश
की गतिविधियां
20 मार्च से
और बढ़
जाएंगी। उत्तराखंड
और पंजाब
के भी
कुछ हिस्सों
में हल्की
वर्षा की
गतिविधियां देखने को मिल सकती
हैं। सिक्किम,
उप-हिमालयी
पश्चिम बंगाल,
अरुणाचल प्रदेश
में कुछ
स्थानों पर
हल्की से
मध्यम बारिश
का अनुमान
है। पूर्वी
उत्तर प्रदेश,
बिहार, दक्षिण-पूर्वी मध्य
प्रदेश, महाराष्ट्र
के कुछ
हिस्सों और
केरल व
तटीय कर्नाटक
में हल्की
बारिश हो
सकती है।
देश के
बाकी हिस्सों
में मौसम
मुख्यतः साफ
और शुष्क
बना रहेगा।
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